दिल्ली: सीएम केजरीवाल के जेल जाने और इस्तीफा देने को लेकर आप सांसद ने क्या कहा?

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली (07 नवंबर 2023): दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अगर जेल जाते हैं तो उनकी सरकार जेल से ही चलेगी इस पर आम आदमी पार्टी के सांसद संदीप पाठक का बयान सामने आया है। आप सांसद संदीप पाठक ने कहा कि कल विधायकों की बैठक हुई थी। इस बैठक में सभी विधायकों ने एक ही मांग रखी की, चाहे जो मर्जी हो जाए आप इस्तीफा मत देना। सारे विधायकों का यही मानना था कि आपको किसी भी परिस्थिति में इस्तीफा देना ही नहीं है और यह भी मानना था कि अगर वे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल भी लेकर जाते हैं तो सरकार आप जेल से चला लेना।

उन्होंने आगे बताया कि “इस पर अरविंद केजरीवाल का यही प्रतिक्रिया था कि मैं इस पर विचार करूंगा। पहले वो और भी लोगों से विचार विमर्श करना चाहेंगे जैसे कि संगठन, दूसरे राज्यों के एमएलए, और काउंसलर से। उनसे विचार विमर्श कर रहे हैं और फिर मैं इस पर विचार करूंगा कि इस्तीफा देना चाहिए या नहीं।”

मनोज तिवारी के बयान पर पटवार करते हुए आप सांसद संदीप पाठक ने कहा कि सवाल यह है कि “आज यह परिस्थिति क्यों आई है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सेट पैटर्न है। किस तरीके से सरकार को गिराया जाए। इसके दो-तीन पैटर्न है। पहला पैटर्न यह है कि किसी भी तरह का प्रलोभन देकर उसे तोड़ दिया जाए और अपनी सरकार में शामिल कर लिया जाए। अगर यह काम नहीं करता है तो वह डराने धमकाने का काम करते हैं और कई जगहों पर उनका काम बन जाता है। जब वह काम नहीं आता है तो वह इस तरह की चीजों पर आते हैं।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “दिल्ली का उदाहरण ऐसा है कि सारी प्रपंच करने के बाद ये स्पष्ट हो गया है कि अब अरविंद केजरीवाल पर फर्क ही नहीं पड़ रहा है और लोग भी एकजुट है। उनकी पार्टी रोज बढ़ती जा रही है। तब उन्होंने अपना अंतिम ब्रह्मास्त्र छोड़ा है। ये एक जाल है और इस जाल में कोई भी पार्टी पार्टी फंसेगी, वह उन्हें तोड़ेंगे। हम इस जाल में फंसने वाले नहीं हैं। यह एक राजनीतिक जाल है।”

उन्होंने आगे कहा कि “हमारे किसी भी प्रशासक और शासक का पहला धर्म होता है जनता की सेवा करना। उसकी पहली नैतिकता होती है। अगर जनता ने उन्हें सेवा करने का मौका दिया है तो उन्हें अनवरत पूरा करते रहना। दिल्ली में सरकार तो अरविंद केजरीवाल के नाम पर बनी है और केजरीवाल को मुख्यमंत्री का पद जनता ने खुद दिया है।”