प्रेम दिवस पर आज पडोसी ने फिर से प्रेम दिखाया है @imrankhanpti @narendramodi #PulawamaTerrorAttack

प्रेम दिवस पर आज पडोसी ने फिर से प्रेम दिखाया है

जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार शाम हुए हमले में जैश के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मार दी, जिसमें 42 जवान शहीद हो गए। यह 2016 में हुए उरी हमले के बाद सबसे भीषण आतंकवादी हमला है। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे। इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे घात लगाकर हमला किया गया।

पुलवामा में हुए हमला के बाद शहीद जवानों की याद में ग्रेटर नोएडा के सैनी गाँव के रहने वाले कवि अमित शर्मा ने कविता लिखी है। जिसमे शहीद जवानों के परिवार वालो की दशा को भी इसमें दर्शाया गया है।

आज नींद नहीं आ रही….

प्रेम दिवस पर आज पड़ोसी फिर से प्रेम दिखाया है ।
सांप की फितरत जहर उगलना पुनः जहर उगलाया है ।

30 शेर जब गिरे धरा पर मां धरती का नूर गया ।
मेहंदी चूड़ी बिंदी महावर माथे का सिंदूर गया ।

पापा खेल खिलौने देंगे इसी प्यार में बैठे हैं ।
होली संग खेलेंगे बच्चे इंतजार में बैठे हैं ।

बच्चे नहीं जानते भारत मां की पीड़ा झेल गए ।
पापा एक माह पहले ही खून की होली खेल गए ।

जिनका रक्त बना पानी वह घर में ही बेहोश रहे ।
राजनीति के चरण चाटने वाले सब खामोश रहे ।

मुंह में गाली भरी हुई है निर्णय ना ले पाऊंगा ।
संस्कारों में बंधा हुआ हूं गाली ना दे पाऊंगा ।

ये मंजर ये मौसम सब बर्बादी जैसा लगता है ।
खुद का चेहरा भी मुझको अपराधी जैसा लगता है ।

सैनिक जितने मरे यहां पर जरा खोट मेरा भी है ।
तुम जिस दिल्ली में बैठे हो वहां एक वोट मेरा भी है ।

आतंक निकलता उसी कोख का फटना बहुत जरूरी है ।
इस्लामिक आतंकवाद का मिटना बहुत जरूरी है ।

शेर बना कर भेजे थे सियार पड़े हैं दिल्ली में ।
तीनों बंदर गांधी के बीमार पड़े हैं दिल्ली में ।

जो कुछ सेना को करना है कर जाने दो मोदी जी ।
फिर शेरों को सीमा के अंदर जाने दो मोदी जी ।

तुम दुश्मन से युद्ध करो हम अंदर सब कुछ सह लेंगे ।
एक समय खा लेंगे खाना या फिर भूखा रह लेंगे ।

जितनी ताकत शेरों में है सीमा पर दिखला दो तुम ।
सब कुछ महंगा कर दो लेकिन रक्षा बजट बढ़ा दो तुम ।

ओ सैनिक तुझसे कहता हूं कि अब बंदूक उठा ले तू ।
या सीमा से घर आ जा अपना संदूक उठा ले तू ।

सी आर पी एफ के शेर सुने सभी बलों के जवान सुने ।
खाकी वाले जरा सुने और फौजी देश की शान सुने ।

दुश्मन की सारी हरकत का अपनी संग में तोड़ रखो ।
47 और ak-56 24 घंटे लोड रखो ।

ना सहो किसी भी गोली को बस इतना ही कर डालो तुम ।
पूरी मैगजीन दुश्मन की छाती में भर डालो तुम ।

तुम कोई कायरता वाला संदेश नहीं मानो सैनिक ।
पीछे हटने का आए आदेश नहीं मानो सैनिक ।

बंदूक उठा आतंकवाद की छाती पर चढ़ जाना तुम ।
एलओसी की लाइन लांघकर भी आगे बढ़ जाना तुम।

जवाब सभी गद्दारों को उनके ही रंग में दे आना ।
जो नेता बकवास करें उसको भी संग में ले जाना ।

कितनी ताकत भारत में है जग को यहां दिखा दो तुम ।
जो भी होगा देखेंगे बस पाकिस्तान मिटा दो तुम ।

—-कवि अमित शर्मा

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