Daily Archive: June 18, 2017

दिल्ली सरकार का AAP को नोटिस।

दिल्ली सरकार का AAP को नोटिस।

नई दिल्ली: दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने ही आम आदमी पार्टी को नोटिस भेजा है। दिल्ली सरकार के PWD विभाग ने आप को नोटिस भेजकर 27 लाख 73 हज़ार रुपए चुकाने को कहा है। PWD के मुताबिक़- आम आदमी पार्टी का जो मौजूदा दफ़्तर है, वह उसे आवंटित हो ही नहीं सकता। एलजी ने भी इस आवंटन को रद्द कर दिया है। ऐसे में आम आदमी पार्टी इस जगह को दफ़्तर के रूप में इस्तेमाल करने का किराया देना होगा। साथ ही PWD विभाग ने आम आदमी पार्टी से इस जगह को खाली करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, अगर आप पार्टी यह कार्यालय खाली नहीं करती है तो जुर्माने की राशि बढ़ती चली जाएगी। बीते अप्रैल महीने में पीडब्ल्यूडी ने अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी कर कार्यालय तत्काल खाली करने को कहा था क्योंकि इसे नियमों का उल्लंघन करके आवंटित किया गया है।

केजरीवाल सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर राज्य स्तर की पार्टी को दफ़्तर के लिए जगह देने की योजना बनाई थी और उसके बाद आप पार्टी को मध्य दिल्ली में ITO के पास अपने पूर्व मंत्री आसिम अहमद खान का आवास दफ़्तर के तौर पर मिल गया था, एलजी ने इस आवंटन को रद्द कर दिया था और PWD विभाग ने आम आदमी पार्टी को ये जगह तुरंत खाली करने का आदेश दिया था।

Feud over Kumar Vishwas in AAP deepens

We are for the causes based on which the party was born at the Ramlila Maidan.

New Delhi: The crisis within the Aam Admi Party (AAP) deepened further on Saturday with senior leader Kumar Vishwas hitting out at its “palace politics”, even as posters came up outside its headquarters dubbing him a “friend of the BJP” and a “traitor”.

Bhim Army alleges Union Government of being callous towards Dalits

Bhim Army alleges Union Government of being callous towards Dalits

ASHISH TIWARI

NEW DELHI : After several days of arrest of  Bhim Army chief Chandrashekhar by the Special Task Force, the Bhim Army planned another protest at Jantar Mantar on Sunday  against the wrongful arrest of its chief.

Bhim Army volunteers said that, the protest is being organised to tell the Union government that it cannot arrest any Dalit for standing for the rights of Dalits and for protesting against their rights violations.
Talking about the Saharanpur incident, they alleged that it was a biased action by the Uttar Pradesh  government, also was in favour of the Thakur community and against the Dalit victims of the caste violence.
They further stated that,  if our demands are not completed, we will continue our protest and struggle.