स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के लिए सरकार के साथ खड़ा है IMA: डॉ शरद अग्रवाल, प्रेसिडेंट IMA

टेन न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली, (05/01/2023): दिल्ली एनसीआर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. शरद कुमार अग्रवाल को प्रयागराज में 2022-23 के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन, एमसीआई और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ केतन देसाई की उपस्थिति में यह नियुक्ति की गई।

अपनी पहली प्रेस ब्रीफिंग में डॉ. शरद कुमार अग्रवाल ने आईएमए के सदस्यों और समुदाय की बड़े पैमाने पर सेवा करने के लिए आईएमए की प्रतिबद्धताओं को दोहराया, जिस पर आईएमए हमेशा से कायम रहा है।

इसी रुख को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि आईएमए सरकार की सभी स्वास्थ्य परियोजनाओं/योजनाओं में उसके साथ खड़ा है, चाहे वह महामारी के उन्मूलन से जुड़ी हो या देश के समग्र स्वास्थ्य ढांचे में सुधार की योजना हो। पिछले कई दशकों से आईएमए ने पोलियो, खसरा, काला-आज़ार, मलेरिया, तपेदिक, एनीमिया और अब कोविड के उन्मूलन में हमेशा सरकार के साथ मिलकर काम किया है और स्वास्थ्य सेवा के अधोसंरचनात्मक ढांचे की बेहतरी की दृष्टि से राष्ट्र के कल्याण में लगातार प्रयास कर रहा है।

 

पिछले दो वर्षों में आईएमए के सदस्यों ने भारत सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन के रूप में जिम्मेदारियों को निभाते हुए कोविड-19 के खतरे से लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने पैरामेडिक्स सहित पेशे से जुड़े सभी शहीदों को याद किया और उन्हें सलाम किया, जिन्होंने महामारी के दौरान बहादुरी से लड़ाई लड़ी, कोविड-19 से लड़ते हुए अपनी जान गंवाई। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी बिरादरी पूरी तीव्रता के साथ रात-दिन मानव जाति की सेवा करने का संकल्प लेती है।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवा उद्योग में सुधार के विभिन्न पहलुओं पर जोर दिया और अपने कार्यकाल के लिए अपने मिशन की घोषणा की। इसमें उनका ध्यान इंडियन मेडिकल सर्विसेस के गठन, स्वास्थ्य देखभाल के खर्च में वृद्धि करते हुए इसे सकल घरेलू उत्पाद के 5% तक ले जाना, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम से स्वास्थ्य सेवाओं को बाहर करना, डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करना और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के कामकाज की समीक्षा करना शामिल होगा।

डॉ. शरद कुमार अग्रवाल ने यह भी कहा कि सरकार को आईएमए के कार्यबल को उनकी सभी योजनाओं और कार्यक्रमों में विश्वास में लेना चाहिए। देश के विभिन्न स्वास्थ्य सेवा मापदंडों में सुधार के लिए हमारी राय को महत्व दिया जाना चाहिए।

 

आईएमए परिवार कल्याण, मातृ मृत्यु दर में सुधार, शिशु मृत्यु दर, क्षय रोग उन्मूलन और एनीमिया नियंत्रण आदि कार्यक्रमों में भाग लेते हुए योगदान देने को तैयार है। विभिन्न देशों में कोविड मामलों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। हालांकि, भारत में वृद्धि तो हो रही है, लेकिन अभी भी तुलनात्मक रूप से कम चिंताजनक है। जब पिछले रुझानों की बात करते हैं तो हमारे देश में अचानक से मामले बढ़ सकते हैं। हम सरकार से कोविड उपयुक्त व्यवहार पहल के दिशानिर्देश तैयार करने और जनता को शिक्षित करने की उम्मीद कर रहे हैं। हम अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया द्वारा हाल ही में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ डॉक्टरों से बातचीत की पहल की सराहना करते हैं।

अधिकांश डॉक्टरों द्वारा दिए गए सुझावों की सदस्यों ने काफी सराहना की और आईएमए ने आश्वासन दिया कि आईएमए के हमारे 4 लाख डॉक्टर सभी परिस्थितियों में सरकार की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। हाल ही में नैजल वैक्सीन को मंजूरी दी गई है, जो सही दिशा में एक कदम है। हम सरकार को आश्वस्त करते हैं कि देश के कोने-कोने में हमारे सदस्य इस टीकाकरण कार्यक्रम का समर्थन करेंगे।

मिक्सोपैथी कुछ समय से चर्चा में है और सरकार 2030 तक एकीकृत चिकित्सा और उपचार प्रोटोकॉल पेश करने की योजना बना रही है। आईएमए ने सरकार से मिक्सोपैथी के प्रभाव को समझने और अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने का भी आग्रह किया है।

आईएमए चाहता है कि सरकार 2030 तक चिकित्सा की सभी प्रणालियों के एकीकरण की अपनी योजना पर पुनर्विचार करें। हम चाहते हैं कि आईएमए के परामर्श से हमारे लोगों पर मिक्सोपैथी के प्रभाव को समझने पर गहन चर्चा की जाए।आईएमए के वित्त सचिव डॉ. शितिज बाली ने धन्यवाद ज्ञापन किया।।