नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिन से खराब होती आबोहवा और वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने परामर्श जारी कर कहा कि सांस लेने में कठिनाई महसूस कर रहे लोगों और बच्चों को यथासंभव घरों के अंदर ही रहना चाहिए और अधिक परेशानी होने पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

मंत्रालय ने जारी परामर्श में कहा कि अगर लोगों को सांस लेने में कठिनाई महसूस हो रही है तो उन्हें घर के अंदर रहना चाहिए. बच्चों को भी यथासंभव ज्यादा से ज्यादा घरों में ही रखने का प्रयास करना चाहिए. लोगों को सुबह की सैर करने से या ऐसी किसी भी मेहनत वाली बाहरी गतिविधि से बचना चाहिए जिससे सांस तेज हो जाती हो.

यहां जारी वक्तव्य में मंत्रालय ने कहा, लोगों को सलाह दी जाती है कि अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें. बाहर या अंदर कहीं भी सिगरेट आदि नहीं पीएं और डियोडरेंट तथा रूम स्प्रे का इस्तेमाल भी यथासंभव कम से कम कर देना चाहिए. मंत्रालय के परामर्श में लोगों से धुएं या भारी धूल वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गयी है.

जिन लोगों को हृदयरोग या सांस लेने की पुरानी दिक्कत अथवा दमा हो उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेनी चाहिएं.
यह भी कहा गया है कि अगर सांस लेने में कठिनाई हो रही है, सांस तेज हो रही हो, सांस फूल रही हो या बार-बार खांसी या छींक आ रही हो तो लोगों को डॉक्टरों को दिखाना चाहिए.