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POEM ON KASHMIR

Dear Kashmiri brothers and sisters,

I have very emotional connection with Kashmir. Many of my Kashmiri friends taught me Urdu which is assimilated in my poems the same way as Kashmir is assimilated in India. I am still in touch with them and rejoice the golden memories spent together but recent violence in the valley has caused equally pain to me as well. I am really concerned about your life and well being but soldiers too have families and human rights. Can anyone please empathize with them?

I saw due to pellets firing by our soldiers eyes of some people got injured and politicians are talking about replacing them very soon. Don’t you think those who want to save their eyes can stay away from stone pelting on armed forces personnel? Please remember they are the people who saved us from many calamities. I think you are heartily grateful for that but unfortunately you don’t express it. If you don’t like my post then you can throw stones on me or kill me as well because one part of my life is already dying with each day when I see violence in Kashmir valley. (If seriously you are thinking about that then my current address is mentioned in my profile). Please love your life, love your nation India, I love you and I am sure every Indian loves you. My poetic request to you all-
(including those very few who are highly misguided and brainwashed to act against India)-

मोहब्बतों की मुहीम चलो स्वीकार करते हैं?
चलो हम प्यार करते हैं,चलो हम प्यार करते हैं।

ये पंडित,वो ग्रंथी, ये काज़ी,वो कसाई,
मैं हिंदू,तू मुस्लिम,ये सिख,वो ईसाई,
छोड़ो! ये बांटने की बातें सियासतगार करते हैं,
चलो हम प्यार करते हैं,चलो हम प्यार करते हैं।

किसने बांटी जात,किसने बाँटा देश?
मासूम बच्चों में किसने फैलाया द्वेष?
छोड़ो! पुराने शिकवे नया कुछ यार करते हैं,
चलो हम प्यार करते हैं,चलो हम प्यार करते हैं।

नफरत का नुक़सान सबने देखा बाकायदा,
बहाए गए खून से किसका हुआ फायदा?
कल को भूल नए कल पर सोच-विचार करते हैं,
चलो हम प्यार करते हैं,चलो हम प्यार करते हैं।
©डीजे


कवि परिचय
नाम-दिनेश कुमार ‘डीजे’
जन्म तिथि – 10.07.1987

सम्प्रति-1. भारतीय वायु सेना में नॉन कमीशंड ऑफिसर के तौर पर सेवानिवृत्त
2. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की में शोध अध्येता।

शिक्षा- १. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा कनिष्ठ शोध छात्रवृत्ति एवं राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण
२. समाज कार्य में स्नातकोत्तर एवं स्नातक उपाधि
३. योग में स्नातकोत्तर उपाधिपत्र

प्रकाशित पुस्तकें – दास्तान ए ताऊ, कवि की कीर्ति एवं प्रेम की पोथी

पता- हिसार (हरियाणा)- 125001

फेसबुक पेज- facebook.com/kaviyogidjblog
फेसबुक प्रोफाइल- facebook.com/kaviyogidj
यू ट्यूब चैनल- https://m.youtube.com/channel/UCKhuRV7UuKbtkB_qRKRbX7g

ABCD …. Z of happiness

Alphabetic advice for you:

A B C
Avoid Boring Company..

D E F
Don’t Entertain Fools..

G H I
Go for High Ideas .

J K L M
Just Keep a friend like ME..

N O P
Never Overlook the Poor n suffering..

Q R S
Quit Reacting to Silly tales..

T U V
Tune Urself for ur Victory..

W X Y Z
We Xpect You to Zoom ahead in life

Very ….beautiful lines pls store it.

ONE Good FRIEND is equal to ONE Good Medicine. . .

Likewise ONE Good Group is equal to ONE Full medical store…

Six Best Doctors in the World-
1.Sunlight 2.Rest 3.Exercise 4.Diet
5.Self Confidence & 6.Friends

Maintain them in all stages of Life and enjoy healthy life

If you see the moon ….. You see the beauty of God …..
If you see the Sun ….. You see the power of God ….. And ….
If you see the Mirror. You see the best Creation of GOD .

So Believe in YOURSELF. We all are tourists & God is our travel agent who has already fixed all our Routes Reservations & Destinations
So!
Trust him & Enjoy the "Trip" called LIFE…

Our aim in life should be
9 8 7 6 5 4 3 2 1 0

🔹9-glass drinking water.
🔹8-hrs sound sleep.
🔹7-wonders tour with family.
🔹6-days work a week.
🔹5-digit income
🔹4-wheeler.
🔹3-bedroom flat or house
🔹2-cute children.
🔹1-sweetheart.
🔹0-tension!

One Life will never come Again. .. .Live Today. . .
Share to all people who are important to you ..

TEN LIFE MANTRAS BY KHUSGWANT SINGH

*खुशवंत सिंह* के लिखे ज़िंदगी के दस सूत्र ।
इन दसों सूत्रों को पढ़ने के बाद पता चला कि सचमुच खुशहाल ज़िंदगी और शानदार मौत के लिए ये सूत्र बहुत ज़रूरी हैं।

1. *अच्छा स्वास्थ्य* – अगर आप पूरी तरह स्वस्थ नहीं हैं, तो आप कभी खुश नहीं रह सकते। बीमारी छोटी हो या बड़ी, ये आपकी खुशियां छीन लेती हैं।

2. *ठीक ठाक बैंक बैलेंस* – अच्छी ज़िंदगी जीने के लिए बहुत अमीर होना ज़रूरी नहीं। पर इतना पैसा बैंक में हो कि आप आप जब चाहे बाहर खाना खा पाएं, सिनेमा देख पाएं, समंदर और पहाड़ घूमने जा पाएं, तो आप खुश रह सकते हैं। उधारी में जीना आदमी को खुद की निगाहों में गिरा देता है।

3. *अपना मकान* – मकान चाहे छोटा हो या बड़ा, वो आपका अपना होना चाहिए। अगर उसमें छोटा सा बगीचा हो तो आपकी ज़िंदगी बेहद खुशहाल हो सकती है।

4. *समझदार जीवन साथी* – जिनकी ज़िंदगी में समझदार जीवन साथी होते हैं, जो एक-दूसरे को ठीक से समझते हैं, उनकी ज़िंदगी बेहद खुशहाल होती है, वर्ना ज़िंदगी में सबकुछ धरा का धरा रह जाता है, सारी खुशियां काफूर हो जाती हैं। हर वक्त कुढ़ते रहने से बेहतर है अपना अलग रास्ता चुन लेना।

5. *दूसरों की उपलब्धियों से न जलना* – कोई आपसे आगे निकल जाए, किसी के पास आपसे ज़्यादा पैसा हो जाए, तो उससे जले नहीं। दूसरों से खुद की तुलना करने से आपकी खुशियां खत्म होने लगती हैं।

6. *गप से बचना* – लोगों को गपशप के ज़रिए अपने पर हावी मत होने दीजिए। जब तक आप उनसे छुटकारा पाएंगे, आप बहुत थक चुके होंगे और दूसरों की चुगली-निंदा से आपके दिमाग में कहीं न कहीं ज़हर भर चुका होगा।

7. *अच्छी आदत* – कोई न कोई ऐसी हॉबी विकसित करें, जिसे करने में आपको मज़ा आता हो, मसलन गार्डेनिंग, पढ़ना, लिखना। फालतू बातों में समय बर्बाद करना ज़िंदगी के साथ किया जाने वाला सबसे बड़ा अपराध है। कुछ न कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे आपको खुशी मिले और उसे आप अपनी आदत में शुमार करके नियमित रूप से करें।

8. *ध्यान* – रोज सुबह कम से कम दस मिनट ध्यान करना चाहिए। ये दस मिनट आपको अपने ऊपर खर्च करने चाहिए। इसी तरह शाम को भी कुछ वक्त अपने साथ गुजारें। इस तरह आप खुद को जान पाएंगे।

9. *क्रोध से बचना* – कभी अपना गुस्सा ज़ाहिर न करें। जब कभी आपको लगे कि आपका दोस्त आपके साथ तल्ख हो रहा है, तो आप उस वक्त उससे दूर हो जाएं, बजाय इसके कि वहीं उसका हिसाब-किताब करने पर आमदा हो जाएं।

10. *अंतिम समय* – जब यमराज दस्तक दें, तो बिना किसी दुख, शोक या अफसोस के साथ उनके साथ निकल पड़ना चाहिए अंतिम यात्रा पर, खुशी-खुशी। शोक, मोह के बंधन से मुक्त हो कर जो यहां से निकलता है, उसी का जीवन सफल होता है।

*मुझे नहीं पता कि खुशवंत सिंह ने पीएचडी की थी या नहीं। पर इन्हें पढ़ने के बाद मुझे लगने लगा है कि ज़िंदगीbhi के डॉक्टर भी होते हैं। ऐसे डॉक्टर ज़िंदगी बेहतर बनाने का फॉर्मूला देते हैं । ये ज़िंदगी के डॉक्टर की ओर से ज़िंदगी जीने के लिए दिए गए नुस्खे है।* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

SCIENTIFIC FOUNDATIONS OF HINDU RELIGION

*** हिन्दू धर्म के वैज्ञानिक मूलाधार **

बेटे ने माँ से पूछा – "माँ, मैं एक आनुवंशिक वैज्ञानिक हूँ | मैं अमेरिका में मानव के विकास पर काम कर रहा हूँ | विकास का सिद्धांत, चार्ल्स डार्विन, आपने उसके बारे में सुना है ?"

उसकी माँ उसके पास बैठी और मुस्कुराकर बोली – “मैं डार्विन के बारे में जानती हूँ, बेटा | मैं यह भी जानती हूँ कि तुम जो सोचते हो कि उसने जो भी खोज की, वह वास्तव में भारत के लिए बहुत पुरानी खबर है |“

“निश्चित रूप से माँ !” बेटे ने व्यंग्यपूर्वक कहा |

“यदि तुम कुछ होशियार हो, तो इसे सुनो,” उसकी माँ ने प्रतिकार किया | “क्या तुमने दशावतार के बारे में सुना है ? विष्णु के दस अवतार ?” बेटे ने सहमति में सिर हिलाया |
“तो मैं तुम्हें बताती हूँ कि तुम और मि. डार्विन क्या नहीं जानते हैं |

पहला अवतार था मत्स्य अवतार, यानि मछली | ऐसा इसलिए कि जीवन पानी में आरम्भ हुआ | यह बात सही है या नहीं ?” बेटा अब और अधिक ध्यानपूर्वक सुनने लगा |

उसके बाद आया दूसरा कूर्म अवतार, जिसका अर्थ है कछुआ, क्योंकि जीवन पानी से जमीन की ओर चला गया ‘उभयचर (Amphibian)’ | तो कछुए ने समुद्र से जमीन की ओर विकास को दर्शाया |

तीसरा था वराह अवतार, जंगली सूअर, जिसका मतलब जंगली जानवर जिनमें बहुत अधिक बुद्धि नहीं होती है | तुम उन्हें डायनासोर कहते हो, सही है ? बेटे ने आंखें फैलाते हुए सहमति जताई |

चौथा अवतार था नृसिंह अवतार, आधा मानव, आधा पशु, जंगली जानवरों से बुद्धिमान जीवों तक विकास |

पांचवें वामन अवतार था, बौना जो वास्तव में लंबा बढ़ सकता था | क्या तुम जानते हो ऐसा क्यों है ? क्योंकि मनुष्य दो प्रकार के होते थे, होमो इरेक्टस और होमो सेपिअंस, और होमो सेपिअंस ने लड़ाई जीत ली |" बेटा देख रहा था कि उसकी माँ पूर्ण प्रवाह में थी और वह स्तब्ध था |

छठा अवतार था परशुराम – वे, जिनके पास कुल्हाड़ी की ताकत थी, वो मानव जो गुफा और वन में रहने वाला था | गुस्सैल, और सामाजिक नहीं |

सातवां अवतार था मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, सोच युक्त प्रथम सामाजिक व्यक्ति, जिन्होंने समाज के नियम बनाए और समस्त रिश्तों का आधार |

आठवां अवतार था जगद्गुरु श्री कृष्ण, राजनेता, राजनीतिज्ञ, प्रेमी जिन्होंने ने समाज के नियमों का आनन्द लेते हुए यह सिखाया कि सामाजिक ढांचे में कैसे रहकर फला-फूला जा सकता है |

नवां अवतार था भगवान बुद्ध, वे व्यक्ति जो नृसिंह से उठे और मानव के सही स्वभाव को खोजा | उन्होंने मानव द्वारा ज्ञान की अंतिम खोज की पहचान की |

और अंत में दसवां अवतार कल्कि आएगा, वह मानव जिस पर तुम काम कर रहे हो | वह मानव जो आनुवंशिक रूप से अति-श्रेष्ठ होगा |

बेटा अपनी माँ को अवाक होकर देखता रहा | “यह अद्भुत है माँ, भारतीय दर्शन वास्तव में अर्थपूर्ण है |“

पुराण अर्थपूर्ण हैं | सिर्फ आपका देखने का नज़रिया होना चाहिए धार्मिक या वैज्ञानिक |
*****

RAJA SHIVAJI THE GREATEST

जाणता राजा

प्रौढप्रताप पुरंदर
गोब्राम्हण प्रतिपालक
क्षत्रिय कुलावतंस…..
हिंदू पदपातशाही के निर्माता
छत्रपति श्री शिवाजी महाराज..!
जेठ की शुध्द त्रयोदशी. आनंद नाम संवत्सर.
अंग्रेजी वर्ष १६७४.
पवित्र दिन. मंगल प्रसंग.
भारत वर्ष में इतिहास बन रहा था…
सैकड़ों वर्षों की इस्लामी गुलामी को फेंककर
अपने देश में,
अपना हिन्दू साम्राज्य स्थापित हो रहा था…!
छत्रपति शिवाजी महाराज,
अभिषिक्त हिन्दू सम्राट बनने जा रहे थे..!
देवगिरी, वारंगल, कर्णावती, विजयनगर के
ध्वस्त साम्राज्यों के
अपमान का
बदला लिया जा रहा था..
हिन्दवी साम्राज्य निर्माण हो रहा था..!

MANAGEMENT MANTEAS FROM EQIUPMENTS AND SPARE PARTS

What does Electrical Engineering teach us ?…

⚡ *TRANSFORMER*: Step up your dreams,passion & love. Step down your anger,worries & sadness

⚡ *MOTOR*: Keep moving fast & continuously with high efficiency

⚡ *GENERATOR*: Generate wisdom through your knowledge.

⚡ *CONDUCTOR*: Have least resistance for friends, good company & thoughts

⚡ *INSULATOR*: High resistance for your weaknesses

⚡ *SEMICONDUCTOR*: Enjoy your hard times,they will make you only strong because behind clouds sun is still shining

⚡ *FUSE*: Protect yourself first from danger

⚡ *SWITCH*: Have reliable control over emotions & feelings

⚡ *BATTERY*: Store energy & be strong

⚡ *CAPACITOR*: Lead your life during struggles

⚡ *INDUCTOR*: Avoid ego during your success

⚡ *CIRCUIT BREAKER*: Know the problem & take appropriate action before it affect you

⚡ *CONTROLLER*: Trust yourself,analyse your inputs & take proper decision,be smart & reliable,have high speed processor for fast actions & decisions

⚡ *SENSORS*: Keep analysing your self & keep measuring your values

⚡ *LIGHT*: Keep lighting through your knowledge when its dark

⚡ *LIGHTNING ARRESTOR*: Ground sudden surges in your life

⚡ *EARTHING*: Keep your feet on ground for your safety & maintaining relationships

⚡Life is all about electricity….

⚡It is the only form of energy which can be converted into every form of energy…

Let us electrify world through our spark of knowledge & wisdom…⚡

FAMOUS LETTER FROM G D BIRLA TO HIS SON

घनश्यामदास जी बिड़ला का अपने पुत्र बसंत कुमार जी बिड़ला के नाम 1934 में लिखित एक अत्यंत प्रेरक पत्र जो हर एक को जरूर पढ़ना चाहिए –

चि. बसंत…..

यह जो लिखता हूँ उसे बड़े होकर और बूढ़े होकर भी पढ़ना, अपने अनुभव की बात कहता हूँ।

संसार में मनुष्य जन्म दुर्लभ है और मनुष्य जन्म पाकर जिसने शरीर का दुरुपयोग किया, वह पशु है।

तुम्हारे पास धन है, तन्दुरुस्ती है, अच्छे साधन हैं, उनको सेवा के लिए उपयोग किया, तब तो साधन सफल है अन्यथा वे शैतान के औजार हैं। तुम इन बातों को ध्यान में रखना।

धन का मौज-शौक में कभी उपयोग न करना, ऐसा नहीं की धन सदा रहेगा ही, इसलिए जितने दिन पास में है उसका उपयोग सेवा के लिए करो, अपने ऊपर कम से कम खर्च करो, बाकी जनकल्याण और दुखियों का दुख दूर करने में व्यय करो।

धन शक्ति है, इस शक्ति के नशे में किसी के साथ अन्याय हो जाना संभव है, इसका ध्यान रखो की अपने धन के उपयोग से किसी पर अन्याय ना हो।

अपनी संतान के लिए भी यही उपदेश छोड़कर जाओ। यदि बच्चे मौज-शौक, ऐश-आराम वाले होंगे तो पाप करेंगे और हमारे व्यापार को चौपट करेंगे।

ऐसे नालायकों को धन कभी न देना, उनके हाथ में जाये उससे पहले ही जनकल्याण के किसी काम में लगा देना या गरीबों में बाँट देना। तुम उसे अपने मन के अंधेपन से संतान के मोह में स्वार्थ के लिए उपयोग नहीं कर सकते।

हम भाइयों ने अपार मेहनत से व्यापार को बढ़ाया है तो यह समझकर कि वे लोग धन का सदुपयोग करेंगे l

भगवान को कभी न भूलना,
वह अच्छी बुद्धि देता है,

इन्द्रियों पर काबू रखना, वरना यह तुम्हें डुबो देगी।

नित्य नियम से व्यायाम-योग करना। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी सम्पदा है। स्वास्थ्य से कार्य में कुशलता आती है, कुशलता से कार्यसिद्धि और कार्यसिद्धि से समृद्धि आती है l

सुख-समृद्धि के लिए स्वास्थ्य ही पहली शर्त है l मैंने देखा है की स्वास्थ्य सम्पदा से रहित होनेपर करोड़ों-अरबों के स्वामी भी कैसे दीन-हीन बनकर रह जाते हैं स्वास्थ्य के अभाव में सुख-साधनों का कोई मूल्य नहीं। इस सम्पदा की रक्षा हर उपाय से करना।

भोजन को दवा समझकर खाना। स्वाद के वश होकर खाते मत रहना। जीने के लिए खाना हैं, न कि खाने के लिए जीना ।

घनश्यामदास बिड़ला

नोट :
श्री घनश्यामदास जी बिरला का अपने बेटे के नाम लिखा हुवा पत्र इतिहास के सर्वश्रेष्ठ पत्रों में से एक माना जाता है l

विश्व में जो दो सबसे सुप्रसिद्ध और आदर्श पत्र माने गए है उनमें एक है ‘अब्राहम लिंकन का शिक्षक के नाम पत्र’ और दूसरा है ‘घनश्याम दास बिरला का पुत्र के नाम पत्र’
🙏🙏🌺🌸🍀🌹🌹🌹

BIBLE OF BUREAUCRACY IN INDIAN DEMOCRACY

▪ Rule No. 1

Be reactive and NOT pro-active. Hasten slowly.

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▪ Rule No 2.

Do Not create waves. Flow with the water. Just be a processor and not be a facilitator. That is NOT your mandate.

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▪ Rule No. 3.

Have No fixed conviction or commitments or views. At least do not display them.

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*Rule No 4.
Process and procedure is most important and not the end result. Stick to them as long as it helps you to remain inactive.

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*Rule No 5.
Remain non committal. Act sincere, do nothing.

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▪ Rule No 6.

When in doubt, sleep over the matter and procrastinate as much as you can.

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▪ Rule No 7.

There are no rewards for good work. If you go wrong your neck is online. Do nothing.

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▪ Rule No 8.

Cite rules. There is some rule for every sin, inaction, action or position that you may be in, to justify it. Look after your own interest and manoeuvre best positions and postings for yourself.

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▪ Rule No 9.
Accumulate wealth and maintain good public relations with those who matter in the hierarchy.

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▪ Rule No 10.

Avoid controversy and side step when difficult situation comes up. Pass the buck when things get hot.

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▪ Rule No 11.

Things will remain what they are. Your actions/inactions and contribution do not matter.

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▪ Rule No 12.

People and their problems are NO concern of yours. They have been born to live like that. You are the privileged one. Do not identify with common people.

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▪ Rule No 13.

Look after yourself. Watch your back.

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▪ Rule No 14.

Do not trust sincere and dedicated and honest type of colleagues and other activists They are nothing but trouble.

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▪ Rule No. 15.

There is nothing called absolute fact/truth. Everything has many dimensions and sides. Always defend your action by highlighting the side that justifies your position. Always side with the winner.

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*Rule No 16.
Babus NEVER retire. Ensure lining up a cosy post retirement assignment.

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* Rule No 17.
Never get trapped in idealism, patriotism, honesty, fair play, professional or personal integrity etc. These are just vague and unrealistic concepts and should never affect your actions.

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* Rule No 18.
Never promote or recommend anyone from any other cadre/discipline (other than your own cadre) for any valuable position /post/assignment however suited, appropriate and capable that person maybe for the same. Always maintain parochial interest and promote it to the best of your ability.

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* Rule No 19.
Always pull down anyone who may be competent and able to out run you. trip him/her unabashedly.

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* Rule No 20.
Be very careful of those who are genuinely good, able, motivated and visionary. They are highly dangerous for our peace and carefree existence.

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* The term ‘babu’ refers to bureaucrats and other government officials in India.

Central Govt Employees – New Pension Scheme and old pension scheme

हमारे बहुत से साथी नयी पेंशन योजना व पुरानी पेंशन योजना में अन्तर नहीं जानते, इसका अन्तर स्पष्ट करने की कोशिश करते हैं –
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तो आइए देखते हैं दोनो में अन्तर –
1-पुरानी पेंशन पाने वालों के लिए जी0 पी0 एफ0 सुविधा उपलब्ध है जबकि नयी पेंशन योजना में जी0 पी 0एफ0 नहीं है ।
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2-पुरानी पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती है जबकि नयी पेंशन योजना में वेतन से प्रति माह 10%की कटौती निर्धारित है ।
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3-पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेन्ट के समय एक निश्चित पेंशन( अन्तिम वेतन का 50%) की गारेण्टी है जबकि नयी पेंशन योजना में पेंशन कितनी मिलेगी यह निश्चित नहीं है यह पूरी तरह शेयर मार्केट व बीमा कम्पनी पर निर्भर है ।
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4-पुरानी पेंशन सरकार देती है जबकि नयी पेंशन बीमा कम्पनी देगी । यदि कोई समस्या आती है तो हमे सरकार से नहीं बल्कि बीमा कम्पनी से लडना पडेगा ।
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5-पुरानी पेंशन पाने वालों के लिए रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी( अन्तिम वेतन के अनुसार 16.5माह का वेतन) मिलता है जबकि नयी पेंशन वालों के लिये ग्रेच्युटी की कोई व्यवस्था नहीं है ।
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6-पुरानी पेंशन वालों को सेवाकाल में मृत्यु पर डेथ ग्रेच्युटी मिलती है जो 7पे कमीशन ने 10लाख से बढाकर 20लाख कर दिया है जबकि नयी पेंशन वालों के लिए डेथ ग्रेच्युटी की सुविधा समाप्त कर दी गयी है ।
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7-पुरानी पेंशन में आने वाले लोंगों को सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन मिलती है जबकि नयी पेंशन योजना में पारिवारिक पेंशन को समाप्त कर दिया गया है ।
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8-पुरानी पेंशन पाने वालों को हर छ: माह बाद महँगाई तथा वेतन आयोगों का लाभ भी मिलता है जबकि नयीपेंशन में फिक्स पेंशन मिलेगी महँगाई या वेतन आयोग का लाभ नहीं मिलेगा यह हमारे समझ से सबसे बडी हानि है ।
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9-पुरानी पेंशन योजना वालों के लिए जी0 पी0 एफ0 से आसानी से लोन लेने की सुविधा है जबकि नयी पेंशन योजना में लोन की कोई सुविधा नही है( विशेष परिस्थिति में कठिन प्रक्रिया है केवल तीन बार वह भी रिफण्डेबल) ।
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11-पुरानी पेंशन योजना में जी0 पी0 एफ0 निकासी( रिटायरमेंट के समय) पर कोई आयकर नहीं देना पडता है जबकि नयी पेंशन योजना में जब रिटायरमेंट पर जो जो अंशदान का 60%वापस मिलेगा उसपर आयकर लगेगा ��������������
12-जी 0पी0एफ0पर ब्याज दर निश्चित है जबकि एन0 पी0 एस0 पूरी तरह शेयर पर आधारित है ।
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�� साथियों आशा है आप इस अन्तर को समझेगें और अपने भले -बुरे का विचार जरूर करेगें ।

सभी बंधुओं से आग्रह है कि
मन की बात" में (NPS)नवीन पेंशन योजना का विरोध कर ,पुरानी पेंशन योजना लागु करवाने के लिए टोल फ्री नम्बर 1800 11 7800 पर सभी साथी अपनी बात दर्ज करवाने की कृपा करें ।
कृपया इसे शेयर जरूर करे एवं दूसरे ग्रुप में भेज कर औरों से भी निवेदन करें
आपका शुभचिंतक !!

PARI HO TUM GUJRAT KI ROOP TUMHARA MADRASI – BHARAT MATA KI KAVITA

"परी हो तुम गुजरात की, रूप तेरा मद्रासी !
🌿💕🌿
सुन्दरता कश्मीर की तुम में, सिक्किम जैसा शर्माती !!
. 🌿💕🌿
खान-पान पंजाबी जैसा, बंगाली जैसी बोली !
🌿💕🌿
केरल जैसी आंख तुम्हारी, है दिल तो तुम्हारा दिल्ली !!
🌿💕🌿
महाराष्ट्र तुम्हारा फ़ैशन है, तो गोवा नया जमाना !
🌿💕🌿
खुशबू हो तुम कर्नाटक की, बल तो तेरा हरियाणा !!
🌿💕🌿
सीधी-सादी उड़ीसा जैसी, एम.पी. जैसा मुस्काना !
🌿💕🌿
दुल्हन तुम राजस्थानी जैसी, त्रिपुरा जैसा इठलाना !!
🌿💕🌿
झारखंड तुम्हारा आभूषण, तो मेघालय तुम्हारी बिन्दीया है !
🌿💕🌿
सीना तुम्हारा यू.पी है तो, हिमाचल तुम्हारी निन्दिया है !!
🌿💕🌿
कानों का कुंडल छत्तीसगढ़, तो मिज़ोरम तुम्हारी पायल है
🌿💕🌿
बिहार गले का हार तुम्हारा,
तो आसाम तुम्हारा आंचल है !!
🌿💕🌿
नागालैंड- आन्ध्र दो हाथ तुम्हारे, तो ज़ुल्फ़ तुम्हारा अरुणाचल है !
🌿💕🌿
नाम तुम्हारा भारत माता,
तो पवित्र तुम्हारा उत्तरांचल है !!
🌿💕🌿
सागर है परिधान तुम्हारा,
तिल जैसे है दमन-द्वीव !
🌿💕🌿
मोहित हो जाता है सारा जग,
रहती हो तुम कितनी सजीव !!
🌿💕🌿
अंडमान और निकोबार द्वीप,
पुष्पों का गुच्छ तेरे बालों में !
🌿💕🌿
झिल-मिल, झिल-मिल से लक्षद्वीप, जो चमक रहे तेरे गालों में !!
🌿💕🌿
ताज तुम्हारा हिमालय है,
तो गंगा पखारती चरण तेरे !
🌿💕🌿
कोटि-कोटि हम भारत वासियों का,
🌿💕🌿
स्वीकारो तुम नमन मेरे !!
जय हो।
🌿💕🌿
भारत माता की जय।
🌿💕🌿💕🌿💕🌿💕🌿