गोरखपुर हादसाः ऑक्सीजन को तरसते बच्चों के लिए फरिश्ता बने डॉ. कफील

लखनऊ। गोरखपुर में बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात  ऑक्जीजन की कमी के चलते मौत ने जमकर तांडव मचाया. स्थिति और अधिक भयावह हो सकती लेकिन दम घुटते मासूम बच्चों के लिए डॉ कफील खान फरिश्ता बनकर सामने आए. एक ओर जहां अस्पताल प्रशासन ने आशा छोड़ दी थी वहीं डॉ कफील ने अपने दम पर ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया. उनकी इस कोशिश ने ना कितने घरों के चिराग बुझने से बचा लिए.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन खत्म होने के बाद अफरा-तफरी का माहौल था. रात को 2 बजे इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी और चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. कफील अहमद को सूचना मिली कि कुछ ही देर में उनके वार्ड की ऑक्सीजन खत्म हो जाएगी. इसके बाद उन्होंने तुरंत अपनी कार निकाली और अपने दोस्त डॉक्टरों के अस्पताल के लिए निकल पड़े. डॉ. कफील अपने दोस्त डॉक्टरों से तीन जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर बीआरडी मेडिकल पहुंचे.

डॉ. कफील अहमद एक बार फिर अपने डॉक्टर मित्रों के पास मदद के लिए पहुंचे और करीब एक दर्जन ऑक्सीजन सिलेंडर का जुगाड़ किया. इस बीच उन्होंने शहर के करीब 6 ऑक्सीजन सप्लॉयर को फोन लगाया. सभी ने कैश पेमेंट की बात कही. इसके बाद कफील अहमद ने बिना देरी किए अपने कर्मचारी को खुद का एटीएम दिया और पैसे निकालकर ऑक्सीजन सिलेंडर लाने को कहा. डॉ कफील के इस प्रयास की खूब सराहना हो रही है.

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