Daily Archive: January 15, 2019

केंद्र और राज्य कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर।

केंद्र सरकार ने 7 वेतन आयोग को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है अब राज्य सरकार के अध्यापकों ओर बाबुओं के साथ साथ सरकारी मान्यता प्राप्त स्नातक डिग्री ,स्तर के तकनीकी संस्थानों के कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इस प्रस्ताव के बाद केंद्र सरकार पर 1241.78 करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढेगा।

UPSC aspirants stage protest at Jantar Mantar demanding compensatory attempts in UPSC Civil Services Exam for those who suffered due to the Civil Services Aptitude Test (CSAT) exam pattern

UPSC aspirants stage protest at Jantar Mantar demanding compensatory attempts in UPSC Civil Services Exam for those who suffered due to the Civil Services Aptitude Test (CSAT) exam pattern

Text of PM’s address on the laying of foundation stone/inauguration of multiple development projects in Balangir, Odisha

भारत माता की जय ओडिशा के राज्‍यपाल प्रोफेसर गणेश लाल जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान जुएल ओराम जी, धर्मेन्‍द्र प्रधान जी, ओडिशा सरकार में मंत्री, स्‍नेहागिनी छुरिया जी, संसद में मेरे साथीश्री किलीकेश नारायण सिंह देव जी और यहां पधारे मेरे प्‍यारे बहनों और भाईयों! नववर्ष में एक बार फिर ओडिशा आने का सौभाग्‍य मिला है। मकर सक्रांति के अवसर पर यहां आना और विकास के नये प्रकाश से जुड़ना अपने आप में अहम है। त्‍यौहारों के इस पावन अवसर पर आप सभी ओडिशावासियों को देश के सभी नागरिकों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं।

साथियों पूर्वी भारत के विकास के लिए ओडिशा के विकास के लिए केंद्र सरकार का अभियान निरंतर जारी है। बीते एक महीने में तीसरी बार मैं आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां साढ़े 15 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण या शिलान्‍यास किया गया है। यह परियोजनांए शिक्षा से जुड़ी है, connectivity से जुड़ी है, संस्‍कृति और पर्यटन से जुड़ी है और मुझे खुशी है कि आज केंद्रीय विद्यालय सोनेपुर के स्‍थायी भवन का शिलान्‍यास हुआ है। जब यह काम पूरा हो जाएगा तो  सोनेपुर के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को लाभ होगा। ओडिशा में केंद्रीय विद्यालयों में हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। यहां केंद्रीय विद्यालय की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। 2014 के बाद कई नए केंद्रीय विद्यालयों का उद्घाटन यहां हो चुका है और कुछ पर काम अंतिम चरण में है।

साथियों शिक्षा मानव संसाधन का विकास करती है। यह संसाधन तब अवसरों में बदलते हैं जब connectivity का भी सहारा हो। इसी भावना के तहत ओडि़शा में connectivity का विस्‍तार किया जा रहा है। आज रेलवे से जुड़े छह प्रोजेक्‍ट का लोकार्पण या उद्घाटन किया गया है। इससे ओडिशा के भीतर की connectivity तो सुधरेगी ही, देश के दूसरे राज्‍यों तक आवाजाही भी आसान होगी। इससे आप लोगों को आने-जाने की सुविधा तो होगी ही किसान भाईयों को अपनी उपज को बड़ी मंडियों तक या बड़े शहरों तक पहुंचाने में ज्‍यादा आसानी होगी। आने-जाने और माल ढुलाई के लिए सुविधा तैयार होने से यहां उद्योगों के लिए भी एक बेहतर माहौल बनेगा। जब उद्योग यहां आने लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अनेक साधन विकसित होंगे।

साथियों थोड़ी देर पहले बलांगीर से बिच्‍छूपल्‍ली के बीच जो नई रेल लाइन बनी है इसका उद्घाटन हुआ है। इसके साथ-साथ इस पर नई ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इसके अलावा झारसुघड़ा के मल्‍टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्ट झारसुघड़ा विजिनगराम और संभलपुर अंगुल लाइन के विद्युतीकरण बारपली डुगरीपल्‍ली और बलांगीर देवगांव के चौड़ीकरण और नागावली नदी पर बने पुल के लिए भी आप सब बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपको शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों connectivity जब अच्‍छी होती है तो करीब-करीब हर सेक्‍टर पर इसक सकारात्‍मक असर होता है। विशेष तौर पर टूरिज्‍म के लिए तो सबसे ज्‍यादा संभावनाएं बढ़ती है। ओडिशा तो वैसे ही हर प्रकार के टूरिस्‍टों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां जंगल भी है और समंदर का किनारा भी है। प्रकृति ने यहां कोई कमी नहीं छोड़ी है। वही इतिहास और आस्‍था का एक प्रकार से केंद्र रहा है।

साथियों इसी भावना के तहत बीते चार वर्षों से केंद्र सरकार धरोहरों और आस्‍था के स्‍थलों को विकसित करने में जुटी हुई है। ओडिशा के अनेक मंदिरों, पुराने किलों और दूसरे स्‍थानों का सुंदरीकरण और उनको संवारने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में नील माधव और सिद्धदेश्‍वर मंदिरों के नवीनीकरण और सुन्‍दरीकरण के काम का आज शुभारंभ किया गया है। इसी प्रकार पश्चिम सोमनाथ मंदिर,भुवनेश्‍वर मंदिर और कपिलेश्‍वर मंदिर का भी जीर्णोधार और सुन्‍दरीकरण का काम पूरा हो चुका है और आज इसका भी लोकार्पण हो गया है। इसके अलावा यहां का जो एक पारंपरिक व्‍यापारिक रास्‍ता रहा है ओडिशा को मध्‍य भारत से जोड़ता है। उस रास्‍ते में अनेक ऐतिहासिक स्‍मारक है। यहा बलांगीर में ही रानीपुर, झरयाल जो स्‍मारकों का समूह है उसको भी संवारा जा रहा है। वहां 64 योगिनी मंदिर हो, या फिर लहरागुणी सोमेश्‍वर, रानीगुणी या फिर इंद्राली मंदिर आस्‍था और हमारे ऐतिहासिक स्‍थल का दर्शन देने वाले यह तमाम धरोहरें अपनी दिव्‍यता और भव्‍यता को बढ़ाने वाली है।

साथियों एक और स्‍मारक के नवीनीकरण की आज शुरूआत हुई है। कालाहांडी का असुरागढ़ किला यह हमारे शौर्य का प्रतीक तो रहा ही है साथ में एक अहम राजनीतिक और व्‍यापारिक केंद्र भी था। यह महाकंतारा को कलिंग से जोड़ता था। अपने इतिहास के इन स्‍वर्णिम अध्‍यायों के साथ पुन: जुड़ते हुए मुझे बहुत प्रसन्‍नता हो रही है। मुझे विश्‍वास है कि यहां जो मूल सुविधाओं का विकास हुआ है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जो काम किया गया है, उससे यहां के टूरिज्‍मों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में कई गुणा बढ़ोतरी होगी।

साथियों, आज यहां छह नये Post Office Passport  सेवा केंद्रों की शुरूआत भी हुई है। बलांगीर के अलावा जगतसिंह पुर, केंद्रपाड़ा, पुरी, फूलबानी, बारगढ़ में यह नये केंद्र खुलने से अब यहां के लोगों को पासपोर्ट के लिए बहुत दूर जान की जरूरत नहीं है।

साथियों, आज आप सभी के, ओडिशावासियों के जीवन को आसान बनाने वाले इन सभी प्रोजेक्‍ट के लिए एक बार फिर मैं ओडिशावासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको नये वर्ष की पुन: बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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Appointment of CBI interim chief ‘illegal’, says Kharge; demands immediate selection panel meet

NEW DELHI: Congress leader Mallikarjun Kharge has written to Prime Minister Narendra Modi, terming the appointment of M Nageswara Rao as the CBI’s interim director “illegal” and demanding that a meeting of the selection committee be convened immediately to appoint a new chief of the probe agency.

Kharge, who is part of the prime minister-headed three-member panel that removed Alok Verma as CBI chief, alleged that the government is scared of CBI led by an “independent” director.

“Actions of the government indicate that it’s scared of a CBI headed by an independent director,” Kharge wrote in his letter to PM Modi.

He also demanded that the government come clean on the issues and make public the CVC report, Justice A K Patnaik’s report and minutes of the January 10 meeting.

Rao’s appointment as CBI interim chief is “illegal”, the Congress leader wrote in the letter.

Barely two days after the Supreme Court reinstated him, Verma was Thursday last removed as CBI director by the high-powered committee headed by PM Modi on charges of corruption and dereliction of duty, in an unprecedented action in the central probe agency’s 55-year history.

There were eight charges against Verma in the CVC report presented before the committee that also comprised Kharge and Justice A K Sikri, appointed by Chief Justice of India Ranjan Gogoi as his nominee. (agencies)

Text of PM’s address on the laying of foundation stone/inauguration of multiple development projects in Balangir, Odisha

भारत माता की जय ओडिशा के राज्‍यपाल प्रोफेसर गणेश लाल जी, केंद्रीय मंत्रिमंडल के मेरे सहयोगी श्रीमान जुएल ओराम जी, धर्मेन्‍द्र प्रधान जी, ओडिशा सरकार में मंत्री, स्‍नेहागिनी छुरिया जी, संसद में मेरे साथीश्री किलीकेश नारायण सिंह देव जी और यहां पधारे मेरे प्‍यारे बहनों और भाईयों! नववर्ष में एक बार फिर ओडिशा आने का सौभाग्‍य मिला है। मकर सक्रांति के अवसर पर यहां आना और विकास के नये प्रकाश से जुड़ना अपने आप में अहम है। त्‍यौहारों के इस पावन अवसर पर आप सभी ओडिशावासियों को देश के सभी नागरिकों को अनेक-अनेक शुभकामनाएं।

साथियों पूर्वी भारत के विकास के लिए ओडिशा के विकास के लिए केंद्र सरकार का अभियान निरंतर जारी है। बीते एक महीने में तीसरी बार मैं आपके बीच आया हूं। थोड़ी देर पहले यहां साढ़े 15 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण या शिलान्‍यास किया गया है। यह परियोजनांए शिक्षा से जुड़ी है, connectivity से जुड़ी है, संस्‍कृति और पर्यटन से जुड़ी है और मुझे खुशी है कि आज केंद्रीय विद्यालय सोनेपुर के स्‍थायी भवन का शिलान्‍यास हुआ है। जब यह काम पूरा हो जाएगा तो  सोनेपुर के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को लाभ होगा। ओडिशा में केंद्रीय विद्यालयों में हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। यहां केंद्रीय विद्यालय की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। 2014 के बाद कई नए केंद्रीय विद्यालयों का उद्घाटन यहां हो चुका है और कुछ पर काम अंतिम चरण में है।

साथियों शिक्षा मानव संसाधन का विकास करती है। यह संसाधन तब अवसरों में बदलते हैं जब connectivity का भी सहारा हो। इसी भावना के तहत ओडि़शा में connectivity का विस्‍तार किया जा रहा है। आज रेलवे से जुड़े छह प्रोजेक्‍ट का लोकार्पण या उद्घाटन किया गया है। इससे ओडिशा के भीतर की connectivity तो सुधरेगी ही, देश के दूसरे राज्‍यों तक आवाजाही भी आसान होगी। इससे आप लोगों को आने-जाने की सुविधा तो होगी ही किसान भाईयों को अपनी उपज को बड़ी मंडियों तक या बड़े शहरों तक पहुंचाने में ज्‍यादा आसानी होगी। आने-जाने और माल ढुलाई के लिए सुविधा तैयार होने से यहां उद्योगों के लिए भी एक बेहतर माहौल बनेगा। जब उद्योग यहां आने लगेंगे तो युवाओं के लिए रोजगार के अनेक साधन विकसित होंगे।

साथियों थोड़ी देर पहले बलांगीर से बिच्‍छूपल्‍ली के बीच जो नई रेल लाइन बनी है इसका उद्घाटन हुआ है। इसके साथ-साथ इस पर नई ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई गई है। इसके लिए मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। इसके अलावा झारसुघड़ा के मल्‍टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्ट झारसुघड़ा विजिनगराम और संभलपुर अंगुल लाइन के विद्युतीकरण बारपली डुगरीपल्‍ली और बलांगीर देवगांव के चौड़ीकरण और नागावली नदी पर बने पुल के लिए भी आप सब बहुत-बहुत बधाई के पात्र हैं। आपको शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों connectivity जब अच्‍छी होती है तो करीब-करीब हर सेक्‍टर पर इसक सकारात्‍मक असर होता है। विशेष तौर पर टूरिज्‍म के लिए तो सबसे ज्‍यादा संभावनाएं बढ़ती है। ओडिशा तो वैसे ही हर प्रकार के टूरिस्‍टों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां जंगल भी है और समंदर का किनारा भी है। प्रकृति ने यहां कोई कमी नहीं छोड़ी है। वही इतिहास और आस्‍था का एक प्रकार से केंद्र रहा है।

साथियों इसी भावना के तहत बीते चार वर्षों से केंद्र सरकार धरोहरों और आस्‍था के स्‍थलों को विकसित करने में जुटी हुई है। ओडिशा के अनेक मंदिरों, पुराने किलों और दूसरे स्‍थानों का सुंदरीकरण और उनको संवारने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में नील माधव और सिद्धदेश्‍वर मंदिरों के नवीनीकरण और सुन्‍दरीकरण के काम का आज शुभारंभ किया गया है। इसी प्रकार पश्चिम सोमनाथ मंदिर,भुवनेश्‍वर मंदिर और कपिलेश्‍वर मंदिर का भी जीर्णोधार और सुन्‍दरीकरण का काम पूरा हो चुका है और आज इसका भी लोकार्पण हो गया है। इसके अलावा यहां का जो एक पारंपरिक व्‍यापारिक रास्‍ता रहा है ओडिशा को मध्‍य भारत से जोड़ता है। उस रास्‍ते में अनेक ऐतिहासिक स्‍मारक है। यहा बलांगीर में ही रानीपुर, झरयाल जो स्‍मारकों का समूह है उसको भी संवारा जा रहा है। वहां 64 योगिनी मंदिर हो, या फिर लहरागुणी सोमेश्‍वर, रानीगुणी या फिर इंद्राली मंदिर आस्‍था और हमारे ऐतिहासिक स्‍थल का दर्शन देने वाले यह तमाम धरोहरें अपनी दिव्‍यता और भव्‍यता को बढ़ाने वाली है।

साथियों एक और स्‍मारक के नवीनीकरण की आज शुरूआत हुई है। कालाहांडी का असुरागढ़ किला यह हमारे शौर्य का प्रतीक तो रहा ही है साथ में एक अहम राजनीतिक और व्‍यापारिक केंद्र भी था। यह महाकंतारा को कलिंग से जोड़ता था। अपने इतिहास के इन स्‍वर्णिम अध्‍यायों के साथ पुन: जुड़ते हुए मुझे बहुत प्रसन्‍नता हो रही है। मुझे विश्‍वास है कि यहां जो मूल सुविधाओं का विकास हुआ है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जो काम किया गया है, उससे यहां के टूरिज्‍मों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसरों में कई गुणा बढ़ोतरी होगी।

साथियों, आज यहां छह नये Post Office Passport  सेवा केंद्रों की शुरूआत भी हुई है। बलांगीर के अलावा जगतसिंह पुर, केंद्रपाड़ा, पुरी, फूलबानी, बारगढ़ में यह नये केंद्र खुलने से अब यहां के लोगों को पासपोर्ट के लिए बहुत दूर जान की जरूरत नहीं है।

साथियों, आज आप सभी के, ओडिशावासियों के जीवन को आसान बनाने वाले इन सभी प्रोजेक्‍ट के लिए एक बार फिर मैं ओडिशावासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आपको नये वर्ष की पुन: बहुत शुभकामनाएं देता हूं।

बहुत बहुत धन्‍यवाद।

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Govt. Launches two National level Initiatives in the field of science communication

The Department of Science and Technology (DST) along with Doordarshan (DD), Prasar Bharati today launched two science communication initiatives, DD Science and India Science .While DD Science is an one-hour slot on Doordarshan National channel, which will be telecast Monday to Saturday from 5 pm to 6pm, India Science is a internet-based channel, which is available on any internet-enabled device, and will offer live, scheduled play and video-on-demand services.

Inaugurating the two key initiatives Union Science & Technology Minister, Dr. Harsh Vardhan said that today is a watershed moment not only in science and technology communication but in developing the scientific temper of our society. Recalling, the role played by Doordarshan, India’s public service broadcaster, in the Pulse Polio campaign back in 1990’s, Dr. Vardhan said that Doordarshan,which  reaches out to more than 92 per cent of India’s population would be a very impactful medium for popularization of science. The minister expressed hope that in near future the country will see a 24*7 DD Science Channel. “By 2030 we have to be in top three countries in science and technology and such initiatives are building blocks towards that”, said Dr. Vardhan.

The inauguration programme and the signing of Memorandum of Understanding (MoU) between Vigyan Prasar and Doordarshan was attended by Secretary DST, Prof. Ashutosh Sharma, Secretary Information and Broadcasting ,Shri Amit Khare, Director General Doordarshan, Ms Supriya Sahu, CEO Prasar Bharati, Shri Shashi Shekhar Vempati, Director Vigyan Prasar, Dr Nakul Parashar and senior officials from Ministry of Science and Technology and Ministry and Information and Broadcasting.

The two science communication platforms are National level initiatives to elevate science into a celebration and bring it close to everyday life. DST and DD aim to make them jewels in the crown of the country for serving humanity for the furtherance of science. The channels have been conceived and supported by the DST and are being implemented and managed by Vigyan Prasar, an autonomous organisation of DST. The two science channels which are milestones in the history of science communication in India, are the first step in creating a national science channel for the country. While India Science (www.indiascience.in) is already a 24×7 presence, DD Science may also be scaled up to a full-fledged channel in the future.

The two channels will have science-based documentaries, studio-based discussions, and virtual walkthroughs of scientific institutions, interviews and short films and will be completely free to access.

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First Shahi Snan of Kumbh at Prayagraj Today

First bathing festival of Makar Sankranti of  Prayagraj Kumbh is being held today. First Shahi Snan royal bathing of Akharas will also held on the occasion. Large number of devotees are continuously reaching to Mela area. Entry of vehicles in Prayagraj town has been prohibited. Schols and colleges are closed at Prayagraj and most of the adjoining districts for today and tomorrow. Most of the parking places have been full with vehicles near to Mela area.

Prayagraj Kumbh has  attracted people from all folks of life in huge numbers.

Large number of saints and Sears, common pilgrims and tourists from across the globe are continuously reaching Prayagraj to take Holi dip on the  pious occasion of Makar Sankranti at the Sangam the confluence of rivers Ganga,Yamuna and mythical Saraswati.

Sequence of First Royal Bathing Shahid Snan of Akharas has been announced. It is one of the big attraction to the pilgrims and tourists. It will begin at 615Am. First of all Sri Panchayati  Akhara Mahanirvani accompanied with Sri Panchayati Atal Akhara of Sanyasi sect will take holy dip at Sangam. They will be followed by Sri Panchayati Niranjani Akhara and Taponidhi Sri Panchayati Anand Akhara. Their bathing will be completed at 740AM. Sri Panch Dashanam Juna Akhara accompanied with Sri Panch Dashanam Awahan Akhara and Sri Shambhu Panch Agni Akhara from Sanyasi sect will take holy dip on 840 AM. Shahi Snan of Vairagi sect Akharas will start at 1040 AM and of them Akhil Bharatiya Sri Panch Nirmohi Ani  Akhara will take holy dip firstly. It will be followed by Akhil Bharatiya Sri Panch Digambar Ani Akhara and their Bathing will be completed at 1210 PM. Bathing of Vairagi Akharas will be completed with the royal dip of Akhil Bharatiya Sri Panch Nirvani Ani Akhara at 1250 PM. Lastly Saints and Sears of Udasin Akharas will take royal bathing. Of them Sri Panchayati Akhara Naya Udasin will take royal bathing firstly. They will be followed by Sri Panchayati Akhara Bada Udasin. With the bathing of Sri Panchayati Akhara Nirmal at 0420 royal bathing of Akharas will be completed. Heavy security arrangements are in place for smooth conduct of royal bathing of Akharas. Central Para military forces are deployed for the security of the processions for royal bathing. Bathing Ghat for the same is well identified and nobody will be allowed to take holy dip in the area marked for royal bathing.  All India Radio will broadcast  running commentary  of royal bathing.  Doodrdarshan will also telecast it live. At Prayagraj Kumbh Mela held at every 6 years and Maha Kumbh at every 12 years. Earlier they were known as Ardh Kumbh and Kumbh. But this year Uttarakhand Pradesh government has announced the Ardh Kumbh will be known as Kumbh and Kumbh as Maha Kumbh.

Mela administration has set up 87 public accomodations in the Mela area in dormetry shape on economic rates to facelift the out station pilgrims. Other agencies have also developed high quality tent cities with all modern amenities to the tourists in different locations. Special tent colony have been set up in Arail area of the Mela Pilgrims and tourists can book tents as per their needs and budget on line through Kumbh Mela website.

Eight kelometre long bathing that’s have been developed at Sangam for holy dip. Mela administration has said that all arrangements are in place for estimated one crore 20 lakhs pilgrims on the occasion. Several dignitaries have also reached at Prayagraj to take holy dip on the pious occasion.