Daily Archive: September 12, 2018

डोर स्टेप डिलीवरी को लेकर दिल्ली सरकार के मुखिया सख्त , देरी हुई तो मंत्री होंगे जवाबदेह ी, जारी किए निर्देश

दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेज योजना को लागू करने को लेकर दिल्ली कैबिनेट के सभी मंत्रियों को सख्त निर्देश जारी किए है। खासबात यह है कि मुख्यमंत्री खुद डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेज योजना की निगरानी कर रहे हैं।

आपको बता दे कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्देश दिए हैं कि मोबाइल सहायक की तरफ से किसी भी विभाग में सबमिट किए गए मामलों में से कोई भी मामला संबंधित मंत्री की मंजूरी के बिना रिजेक्ट नहीं किया जा सकेगा।

दरअसल दिल्ली सरकार का मानना है कि कई मामलों में निचले स्तर पर रिश्वत के लिए आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया जाता है या फिर उनमें देरी की जाती है ।

मुख्यमंत्री ने इस योजना की समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी मंत्री और इस योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभा रहे अधिकारी मौजूद रहे। पहले दिन से कुल 13,783 कॉल्स कनेक्ट हुई हैं।

डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ सर्विसेज योजना का उद्देश्य दिल्ली के नागरिकों को न केवल उनके घर पर सहूलियत के साथ सरकारी सेवाएं मुहैया कराना है, बल्कि इसका मकसद विभिन्न सरकारी विभागों में विभिन्न स्तर पर भ्रष्टाचार का खात्मा करना भी है।

मुख्यमंत्री की तरफ से जारी निर्देश के अनुसार अगर किसी मामले को रिजेक्ट करना है तो इसके लिए संबंधित विभाग के मंत्री से मंजूरी लेनी होगी। इस तरह के मामलों पर 24 घंटे के भीतर फैसला लेना होगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्देश दिया है कि सेवाओं की डिलीवरी के लिए निर्धारित समय सीमा का हर हाल में पालन किया जाना चाहिए। समय सीमा संबंधी कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव क े लिए मतदात जारी , एक लाख से अधिक विद्यार्थी क रेंगे मतदान

दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ (डूसू) पदाधिकारियों के लिए आज चुनाव है। 23 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। आपको बता दे कि 52 केंद्रों पर मतदान शुरू हो गया है। जिसमें 1.40 लाख से अधिक छात्र अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।

मतदान के लिए 760 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का इस्तेमाल किया गया है । सुबह की पाली में चलने वाले कॉलेजों में सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम की पाली में चलने वाले कॉलेजों में शाम 3:00 बजे से 7:30 बजे तक मतदान होगा।

शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए डीयू चुनाव समिति की ओर से पूरे इंतजाम किए गए हैं। गुरुवार सुबह 8:30 बजे से किंग्सवे कैंप, पुलिस लाइन में मतगणना शुरू होगी । अनुमान है कि दोपहर 12 बजे तक सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

डूसू चुनाव के लिए इस बार चुनाव मैदान में कुल 23 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे है। इसमें अध्यक्ष पद पर पांच, उपाध्यक्ष पद पर पांच, सचिव पद पर सबसे अधिक 8 उम्मीदवार मैदान में है, जबकि संयुक्त सचिव पद पर पांच उम्मीदवार चुनाव मैदान में है।

मुख्य चुनाव आयुक्त प्रोफेसर कौल ने बताया कि मतदान के लिए 52 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से अधिकतर कॉलेजों में स्थित हैं। मतदान के लिए 760 ईवीएम का उपयोग किया गया है । उन्होंने बताया कि करीब 1.40 लाख विद्यार्थी इन चुनावों में अपने मत का इस्तेमाल कर सकेंगे।

वहीं, एक सितंबर तक दाखिला लेने वाले सभी विद्यार्थी भी वोट दे सकेंगे। सभी ईवीएम जांच के बाद मतदान केंद्रों पर भेजी गई है। चुनाव समिति के मुताबिक, मतदान वाले दिन कॉलेज के प्राचार्य और चुनाव अधिकारियों को मतदान केंद्रों के आस-पास ही रहने के लिए कहा गया है ताकि आपात स्थिति में वे मदद के लिए उपलब्ध हो सकें।

चुनाव समिति की ओर से दिल्ली पुलिस से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की मांग की गई है। मतदान के समय पुलिसकर्मी कॉलेज के अलावा कैंटीन, बस स्टैंड आदि पर तैनात हुए । साथ ही मतदान के बाद सभी सील ईवीएम को पुलिस की सुरक्षा में मतदान केंद्र से मतगणना केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।

Death of 5 labourers due to the leakage of poisonous gas in New Delhi

New Delhi : Statement of DJB Vice Chairman Dinesh Mohania on the death of 5 labourers due to the leakage of poisonous gas from STP Tank at DLF Capital Green, Motinagar:

It’s highly tragic that 5 labourers lost their lives due to the leakage of poisonous gas from STP at DLF Capital Green, Moti Nagar in Delhi.

Immediately after the government came to know of the incident, it has ordered an investigation in the matter and a report has to be submitted to Labour Department within the next 3 days. As an immediate support to the families of the deceased, each family is being provided with a financial help of Rs.10 lakhs by the Delhi Government.

It’s was a very tragic accident, but as the Vice Chairperson of the DJB I want to clear that neither the Sewer Line in Capital Green is of Delhi Jal Board, nor is the STP, both are owned by DLF. DLF only holds the responsibility of its maintenance. The permission for the construction of this STP was given by MCD.

SOS India joins hands with Delhi Metro to ensure safe childhood for abandoned children

September 11, 2018, New Delhi: SOS Children’s Villages of India (SOS India) has joined hands with Delhi Metro Rail Corporation (DMRC) for its ‘No child should grow up alone’ campaign, which aims to create awareness among public about the importance of a family-like environment for parentless and abandoned children.

India is home to 20 million children who do not receive adequate parental care. This campaign is aimed at reaching out to 1500 to 2000 daily Delhi Metro commuters for generating awareness and a sense of responsibility, so that parentless children are taken care of and grow up to be proud, confident and productive citizens of India. The campaign will run across three earmarked Delhi Metro stations, viz, Rajiv Chowk, Kashmere Gate and Janakpuri West.

Ms. Anuja Bansal, Secretary General, SOS India, said,“We, at SOS India, are focused to provide a safe and caring family to all children, so that no Rahul or Ria spend sleepless nights alone on streets and no Sunil is left hungry. No Child should grow up alone’ campaign is a step to ensure that over 26,000 parentless and abandoned children under the care of SOS Children’s Villages of India get complete support till they are skilled to be job-ready and independent.”

While expressing deep concern and desire to provide parentless and abandoned children a safe environment to grow, Ms. Bansal added, “Let’s focus on their today and collectively will we construct their tomorrow.”

With 54 years of committed care and service to parentless and abandoned children, SOS India is one of the largest self-implementing NGOs with a pan-India presence. It provides care to over 26,000 parentless and abandoned children across 32 villages in 22 states of India.