Daily Archive: January 11, 2018

महान राष्ट्र चिन्तक थे स्वामी विवेकानंद

चन्द्रपाल प्रजापति नोएडा

"उठो, जागो और तब तक रुको नहीं जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये !!”स्वामी विवेकानंद द्वारा कहे इस वाक्य ने उन्हें विश्व विख्यात बना दिया था। यह सूत्र वाक्य आज भी युवा मन को सर्वाधिक उद्वेलित करता है। जितनी बार भी पढ़ें, यह छोटा-सा प्रेरक वाक्य हर बार हमारे मन में नया जोश और ऊर्जा भर देता है। और यही वाक्य आज कई लोगो के जीवन का आधार भी बन चूका है। इसमें कोई शक नहीं की स्वामीजी आज भी अधिकांश युवाओ के आदर्श व्यक्ति है। स्वामी विवेकानंद भारत की संत परंपरा के उन चुनिंदा महापुरुषों में से एक हैं, जो समाज के लिए श्रद्धा के पात्र होने के साथ-साथ युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण दर्शन विदेशो में स्वामी विवेकानंद की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। प्रेरणा के अपार स्रोत स्वामी विवेकानंद की कही एक-एक बात हमें उर्जा से भर देती है। अपने अल्प जीवन में ही उन्होंने पूरे विश्व पर भारत और हिन्दुत्व की गहरी छाप छोड़ दी। भारतीय उपमहाद्वीप की यात्रा की और ब्रिटिश कालीन भारत में लोगो की परिस्थितियों को जाना, उसे समझा। बाद में उन्होंने यूनाइटेड स्टेट की यात्रा की जहां उन्होंने 1893 में विश्व धर्म सम्मलेन में भारतीयों के हिन्दू धर्म का प्रतिनिधित्व किया। शिकागो में दिया गया उनका भाषण आज भी लोकप्रिय है और हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का आभास कराता है।

स्वामी विवेकानंद का ध्यान बचपन से ही आध्यात्मिकता की और था। उनके गुरु रामकृष्ण का उनपर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा, जिनसे उन्होंने जीवन जीने का सही उद्देश जाना, स्वयम की आत्मा को जाना और भगवान की सही परिभाषा को जानकर उनकी सेवा की और सतत अपने दिमाग को को भगवान के ध्यान में लगाये रखा। विवेकानंद ने रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जो आज भी भारत में सफलता पूर्वक चल रहा है। उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण की शुरुवात “मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनों” के साथ करने के लिए जाना जाता है। जो शिकागो विश्व धर्म सम्मलेन में उन्होंने ने हिन्दू धर्म की पहचान कराते हुए कहे थे।

स्वामी विवेकानंद ने यूरोप, इंग्लैंड और यूनाइटेड स्टेट में हिन्दू शास्त्र की 100 से भी अधिक सामाजिक और वैयक्तिक कक्षाएं ली और भाषण भी दिए। भारत में विवेकानंद एक देशभक्त संत के नाम से जाने जाते है और उनका जन्मदिन राष्ट्रीय युवा दिन के रूप में मनाया जाता है। उनकी हमेशा से ये सोच रही है की आज का युवक को शारीरिक प्रगति से ज्यादा आंतरिक प्रगति करने की जरुरत है। आज के युवाओ को अलग-अलग दिशा में भटकने की बजाये एक ही दिशा में ध्यान केन्द्रित करना चाहिये। और अंत तक अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रयत्न करते रहना चाहिये। युवाओ को अपने प्रत्येक कार्य में अपनी समस्त शक्ति का प्रयोग करना चाहिये।

स्वामी विवेकानंद का दृष्टिकोण आध्यात्मिक और वैज्ञानिक सोच का अद्वितीय संगम है। उन्होंने भारत को महज़ जमीन का एक टुकड़ा और सनातन परम्परा को महज़ एक व्यबस्था नही माना वल्कि उन्होंने दोनों को एक दुसरे का पूरक मानकर मानवीय विकाश का राह माना। अगर शारीर भारत है तो उसकी आत्मा उन्होंने हिन्दुत्व को ही माना। स्वामी जी के कार्यो ‘ प्रवचनों एवं उनके रचनाओं का अवलोकन करें तो तो उनके दूरदृष्टि सोच और विश्व कल्याण के लिए हिन्दुत्व की महता में ही सशक्त भारत की स्पष्ट खाका तैयार है। हम सभी जानते हैं कि हिन्दू धर्म के बारे में कई तरह की गलतफहमियां फैलायी जा रही हैं। लेकिन स्वामी जी ने पहले ही कहा था कि सहिष्णुता हमारे धर्म की खासियत है। उन्होंने कहा कि सहिष्णुता हमारे बीच जन्मजात है। किसी को हमें इसकी व्याख्या करने या सिखाने की जरूरत नहीं है। लेकिन उन्हें यह जानना चाहिए कि हिन्दू धर्म क्या है। यह जीवनशैली है।

एक स्थान पर स्वामीजी लिखते है- ‘‘अपने हिन्दुस्थान में शक्ति की कमी है| अन्य देशों की तुलना में हम दुर्बल हैं| शारीरिक दुर्बलता यह हमारे एक तिहाई दु:ख का कारण है| हम आलसी है| हम स्वार्थी है| हम एकत्र नहीं आ सकते| परस्पर का मत्सर किये बिना हम कोई काम ही नहीं कर सकते| हमें संगठित होने की आवश्यकता है| स्वामीजी के विचार में हिन्दू यह एक राष्ट्र है, यह नि:संदिग्ध रीति से स्पष्ट होता है| अमरिका तथा यूरोप में भाषण देते समय उन्होंने कई बार ‘हिन्दू नेशन’ इस शब्दावलिका प्रयोग किया है| इससे स्पष्ट होता है कि, उनके मन में हिन्दू -राष्ट्र यही भाव रहता था। भारत में हिन्दू धर्म को बढ़ाने में उनकी मुख्य भूमिका रही और भारत को औपनिवेशक बनाने में उनका मुख्य सहयोग रहा।

“ मै उस प्रभु का सेवक हूँ जिसे लोग मनुष्य कहतें है” मानवीय संवेदनाओं से पूरित राष्ट्रीय भाव की अथाह सागर में हिन्दुत्व रुपी मोती से विश्व को सनातन संस्कार और संस्कृति से अभिभूत कराने वाले महान राष्ट्र चिन्तक योगी स्वामी विवेकानंद जी का उपरोक्त कथन सदा सर्वदा अनुकरणीय रहेगा।

बंपर गार्ड बचाता नहीं, मारता है… सरकार की अडवाइजरी पर ऐक्शन शुरू

नई दिल्ली. केंद्र द्वारा राज्यों को वाहनों पर दुर्घटना से बचाव के लिए विशेष सुरक्षा ढांचे (क्रैश गार्ड और बुल बार) अवैध रूप से लगाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू हो चुकी है. दिल्ली से लेकर चंडीगढ़, सूरत, मुंबई, चेन्नई तक में ट्रैफिक पुलिस इसपर चलान काट रही है लेकिन अभी भी कई ऐसे लोग हैं जो बंपर गार्ड लगाकर गाड़ी धड़ल्ले से चला रहे हैं. ऐसे लोगों को मानना है कि गाड़ी पर बंपर गार्ड हो तो नुकसान कम होता है लेकिन ऐसा नहीं है. जी न्यूज ने अध्ययन के बाद एक रिपोर्ट तैयार की है और जनता को ये बताने की कोशिश की है कि आखिर बंपर गार्ड से क्या क्या नुकसान हो सकता है.

-इस वक्त बाजार में जो गाड़ियां आ रही हैं, उनकी बनावट इस तरह से होती है कि टक्कर की स्थिति में अगले हिस्से पर पूरा जोर पड़े और अंदर बैठे लोगों को चोट न आए लेकिन बंपर गार्ड की वजह से झटका कई गुना तेज होकर सीधा ड्राइविंग और अगली सीट पर बैठे पैसेंजर तक पहुंचता है इससे गाड़ी का तो नुकसान होता ही है, सवारियों की जान पर भी खतरा बन जाता है.

-सड़क हादसे में ऐसा कई बार देखा गया है कि गाड़ी से टकराने वाली बाइक या साइकिलें इन बंपर गार्ड में फंस जाती हैं और कई किलोमीटर तक घिसटती चली जाती हैं. देश में ऐसे हादसों में हर साल लाखों जानें जा रही हैं.

-यही नहीं, किसी भी वाहन, जिसमें एयरबैग होता है, हादसे के वक्त उसका एयरबैग तभी खुलता है जब रेडिएटर फटता है लेकिन बंपर गार्ड लगे होने की वजह से हादसे की तीव्रता तो बढ़ती ही है, साथ में रेडिएटर न फटने से एयरबैग सही वक्त पर नहीं खुल पाते हैं.

बंपर गार्ड पर रोक के बाद इसे बनाने वाले लोग कोर्ट पहुंचे हैं. इस निर्देश के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार का रुख जानना चाहा है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति हरिशंकर की पीठ ने सड़क परिवहन मंत्रालय से जवाब मांगा है. पीठ का मत था कि ‘मानव जीवन बुल बार लगाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है.’

इससे पहले केंद्र के वकील ने पीठ से कहा था कि बुल बार वाले वाहनों की टक्कर या दुर्घटना की स्थिति में टक्कर का असर वाहन पर नहीं आता, जिससे एयरबैग लोगों की जान बचाने के लिए शायद नहीं खुले. मंत्रालय ने पिछले साल दिसंबर में यह कहते हुए सभी राज्यों को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था कि क्रैश गार्ड से पैदल चलने वालों एवं वाहन में सवार व्यक्तियों दोनों के लिए खतरा पैदा होता है और यह मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है.

क्रैड गार्डों और बुल बारों के विनिर्माता एवं डीलर होने का दावा करने वाले मोहम्मद आरिफ ने सात दिसंबर, 2017 को मांग की कि राज्यों को मंत्रालय द्वारा दिये गये निर्देश को लागू करने से रोक दिया जाए. आरिफ ने अर्शी कपूर और सिद्धार्थ बगला की जनहित याचिका के सिलसिले में पक्षकार बनाने की मांग की है. कपूर और बगला ने दावा किया है कि भले ही ये बंपर स्टायलिश दिखते हों और कम गति होने पर वाहन को बचाते हों लेकिन तेज गति के हादसों में वे कार के अंदर बने सुरक्षा उपायों को धत्ता बता देते हैं, जिससे यात्रियों को गंभीर और घातक चोट लग सकती है.

11 deaths in Barabanki, 3 die after consuming spirit

Barabanki (UP), Jan 11 (PTI) Three people died after allegedly consuming spirit in Dewa area of the district, police said today.

A total of 11 people have died in the district in the past 24 hours because of different reasons, SP Anil Kumar Singh told PTI over phone.

Chief Minister Yogi Adityanath has expressed profound grief over the deaths and extended an ex gratia of Rs 2 lakh to the relatives of each of the deceased.

Adityanath has asked officials to ensure proper treatment of those taken ill and has ordered an inquiry by a joint team of excise and home department officials, according to an official statement released here.

District Magistrate Akhilesh Tewari said the spirit was purchased from a shop near the Dewa Mazar yesterday and consumed by some people of whom three died.

Three others were taken ill and were undergoing treatment at different hospitals, Tewari said.

अब कहीं से भी जानें किसी दूसरे की लाइव लोकेशन, ये है तरीका

नई दिल्ली। अगर आप किसी का लाइव लोकेशन जानना चाहते हैं तो अब यह काम आसानी से हो सकता है. हम आपको एक ऐसे के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके जरिए आप किसी के भी फोन की लाइव लोकेशन जान सकते हैं. फोन के चोरी या खो जाने पर फोन की लोकेशन का भी पता लगाया जा सकता है. लोकेशन का पता लगाने के लिए आपको अपने फोन में GPS tracker Followme ऐप इंस्टॉल करना होगा.

ऐप इंस्टॉल करने के बाद आपको रजिस्टर करना होगा. रजिस्टर करने के लिए ऐप इंस्टॉल करने के बाद उसे ओपन करें. फिर सेटिंग्स में जाएं. अब एक नया पेज खुलेगा उसमें नए यूजर के रजिस्ट्रेशन का ऑप्शन आएगा. यहां क्लिक करें और अपना यूजर नेम, पासवर्ड और ईमेल आईडी डालें.

इसके बाद कंटीन्यू पर क्लिक करें. अब एक नया पेज ओपन होगा. यहां ट्रेक इंटरवल को एक मिनट कर दें, ताकि फोन के हर एक मिनट की लोकेशन मिलती रहे. अब इसे सेव कर दें. अब  किसी के भी फोन की लाइव लोकेशन जानने के लिए अपने फोन या कंप्यूटर के ब्राउजर से https://www.followmee.com/m/login.aspx पर लॉगिन करें.

लॉगिन करने के बाद दो ऑप्शन आएंगे.  इनमें से दूसरे नंबर पर आ रहे Continue to My Map पर क्लिक करें. जैसे ही आप माय मैप पर क्लिक करेंगे तो उस फोन की लोकेशन आ जाएगी. जिस जगह पर फोन वह जगह गूगल मैप पर दिखाई देगी. साथ ही इसका पता भी आएगा.

न्यायाधीश लोया की मौत की जांच करने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को होगी सुनवाई

नयी दिल्ली| उच्चतम न्यायालय सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे विशेष सीबीआई न्यायाधीश बी एच लोया की मौत की स्वतंत्र जांच कराने की मांग वाली एक याचिका पर कल सुनवाई करेगा. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने एक दिसंबर 2014 को लोया की मौत की जांच पर तत्काल सुनवाई की मांग वाली याचिका पर विचार किया.

महाराष्ट्र के पत्रकार बी आर लोन ने यह याचिका दायर की है. उन्होंने कहा कि संवेदनशील सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे लोया की रहस्यमयी मौत की निष्पक्ष जांच कराने की जरुरत है. इस मामले में विभिन्न पुलिस अधिकारियों और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का नाम भी सामने आया था.

लोया की एक दिसंबर 2014 को नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से उस समय मौत हो गई थी जब वह अपनी एक सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जा रहे थे. यह मामला तब सामने आया जब उनकी बहन के हवाले से मीडिया की खबरों में उनकी मौत और सोहराबुद्दीन से उसके जुड़े होने की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया.

गुजरात में सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीदास प्रजापति के नवंबर 2005 में हुयी कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में पुलिसकर्मी समेत कुल 23 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं. बाद में यह मामला सीबीआई को सौंपा गया और मुकदमे को मुंबई स्थानांतरित किया गया.

बॉम्बे लॉयर्स असोसिएशन ने आठ जनवरी को बंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर न्यायाधीशों की मौत की जांच कराने की मांग की गई.

2 Dalits tonsured, paraded on charges of stealing cows

Ballia (UP), Jan 11  Two Dalits were tonsured and paraded in Rasra police station area here allegedly by Hindu Yuva Vahini activists on charges of stealing cows, the police said.

The two men were then arrested following an FIR filed on the complaint of one Pravin Srivastava, under section 379 and 411 (punishment for theft) of IPC for allegedly stealing cows.

One of the two men later filed a police complaint saying the incident took place on Monday when some Hindu Yuva Vahini activists stopped them with two cows.

In a complaint to the police, Uma Ram alleged that his and Sonu’s heads were shaved off by Hindu Yuva Vahini activists. They were then paraded around Rasra town with tyres around their neck and placards with “hum gai chor hain” (we are cow thieves) written on those.

PTI