Daily Archive: January 10, 2018

चार कैमरे वाला स्मार्टफोन Honor 9 Lite जल्द होगा लॉन्च

नई दिल्ली: हुआवेई के उप-ब्रांड ऑनर ने मंगलवार को कहा कि कंपनी इस महीने के अंत में ग्लास बॉडी और चार कैमरा सिस्टम के साथ एक नया स्मार्टफोन लांच करेगी. आगामी डिवाइस में मिरर इफेक्ट ग्लास वाला बैक साइड होगा, जैसा कि फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स ऑनर 9, ऐपल आईफोन एक्स और एचटीसी यू 11 समेत अन्य में होता है.

इस स्मार्टफोन में क्वैड-कैमरा सिस्टम (ड्यूअल अगला और ड्यूअल पिछला कैमरा) होगा. चीनी हैंडसेट दिग्गज ने इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में भारतीय बाजार में ऑनर 9आई 17,999 रुपये में लांच किया था. नया डिवाइस ऑनर 9लाइट हो सकता है, जिसका खुलासा चीन में दिसंबर में किया गया था.

कंपनी ने बताया है कि यह फोन भारत, रूस और ब्रिटेन के साथ 14 और देशों में एक साथ लांच किया जाएगा. कंपनी ने मंगलवार को दावा कि उसके नवीनतम मध्यम खंड के डिवाइस ‘ऑनर व्यू 10’ की पहली सेल में उसके पूर्ववती डिवाइस ‘ऑनर 8 प्रो’ की पहली सेल की तुलना में पांच गुणा ज्यादा बिक्री हुई. ‘ऑनर व्यू 10′ की सेल अमेजन पर आठ जनवरी को आधी रात से शुरू हुई थी. इस स्मार्टफोन की कीमत 29,999 रुपये है.

हुआवेई कंज्यूमर बिजनेस ग्रुप के उपाध्यक्ष (बिक्री) पी. संजीव ने बताया, ऑनर व्यू 10’ ने एक उच्च प्रतिस्पर्धी मूल्य पर अपने उन्नत हार्डवेयर के साथ फ्लैगशिप स्मार्टफोन बाजार को नया आकार दिया है.

12 अंकों के ‘आधार’ को अब 16 अंकों का वर्चुअल ID क रेगा सेफ?

नई दिल्ली : आधार डाटा लीक होने की खबरों के बीच सरकार इसकी सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की तैयारी में जुट गई है. इसके तहत यूआईडीएआई हर आधार कार्ड की एक वर्चुअल आईडी तैयार करने का मौका देगी. इससे आपको जब भी अपनी आधार डिटेल कहीं देने की जरूरत पड़ेगी, तो आपको 12 अंकों के आधार नंबर की बजाय 16 नंबर की वर्चुअल आईडी देना होगा. यूआईडीएआई के मुताबिक वर्चुअल आईडी जनरेट करने की यह सुविधा 1 जून से अनिवार्य हो जाएगी.
*1 मार्च से आ जाएगी सुविधा*
यूआईडीएआई ने कहा है कि एक मार्च से यह सुविधा आ जाएगी. हालांकि 1 जून से यह अनिवार्य हो जाएगी. इसका मतलब ये है कि 1 जून से सभी एजेंसियों को इसे लागू करने के लिए व्यवस्था करना अनिवार्य होगा. इसके बाद कोई भी एजेंसी वर्चुअल आईडी स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकती है.
*नहीं होगी आधार डाटा तक एक्सेस*
यूआईडीएआई के मुताबिक यह सीमित केवाईसी होगी. इससे संबंध‍ित एजेंसियों को भी आधार डिटेल की एक्सेस नहीं होगी. ये एजेंसियां भी सिर्फ वर्चुअल आईडी के आधार पर सब काम निपटा सकेंगी. यूआईडीएआई ने वर्चुअल आईडी (VID) की जो व्यवस्था लाई है, इसके तहत यूजर जितनी बार चाहे उतनी बार वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकेगा. यह आईडी सिर्फ कुछ समय के लिए ही वैलिड रहेगी.
इसके साथ ही यूआईडीएआई ये सुविधा भी देगा कि आप खुद अपना वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकें. इस तरह आप अपनी मर्जी का एक नंबर चुनकर सामने वाली एजेंसी को सौंप सकते हैं. इससे न सिर्फ आपकी आधार डिटेल सुरक्षिकत रहेगी, बल्किी आप अपने मोबाइल नंबर की तरह इस आईडी को भी आसानी से याद रख सकेंगे.
*सीमित‍ केवाईसी*
वर्चुअल आईडी की व्यवस्था आने के बाद हर एजेंसी आधार वेरीफिकेशन के काम को आसानी से और पेपरलेस तरीके से कर सकेंगी. सबसे अच्छी बात यह होगी कि वह आपके आधार नंबर तक तो नहीं पहुंच पाएंगे, लेक‍िन इससे जुड़ा हर काम पूरा कर सकेंगे.
*दो श्रेणि‍यों में बांटी जाएंगी एजेंसियां*
यूआईडीएआई सभी एजेंसियों को दो श्रेण‍ियों में बांट देगी. इसमें एक स्थानीय और दूसरी वैश्विाक श्रेणी होगी. इनमें से सिर्फ वैश्विेक एजेंसियों को आधार नंबर के साथ ईकेवाईसी की एक्सेस होगी. वहीं, दूसरी तरफ स्थानीय एजेसियों को सीमित केवाईसी की सुविधा मिलेगी.
*जारी होगा टोकन*
बताया जा रहा है कि यूआईडीएआई हर आधार नंबर के लिए एक टोकन जारी करेगी. इस टोकन की बदौलत ही एजेंसियां आधार डिटेल को वेरीफाई कर सकेंगे. यह टोकन नंबर हर आधार नंबर के लिए अलग होगा. यह टोकन स्थानीय एजेसियों को दिया जाएगा.
*आधार सुरक्षा को लेकर उठाया कदम*
आधार अथॉरिटी की तरफ से यह कदम उस घटना के बाद उठाया गया है, जिसमें आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी चोरी होने की बात सामने आई थी. अंग्रेजी अखबार, द ट्रिब्यून ने एक तहकीकात की थी, जिसमें इस तरह की बातों का खुलासा हुआ है. ट्रिब्यून के अनुसार, उन्होंने एक व्हाट्सएप ग्रुप से मात्र 500 रुपये में ये सर्विस खरीदी और करीब 100 करोड़ आधार कार्ड का एक्सेस मिल गया.
दरअसल, उनकी तहकीकात में उन्हें एक एजेंट के बारे में पता लगा. जिसके बाद एजेंट ने मात्र 10 मिनट में एक गेटवे दिया और लॉग-इन पासवर्ड दिया. उसके बाद उन्हें सिर्फ आधार कार्ड का नंबर डालना था और किसी भी व्यक्ति के बारे निजी जानकारी आसानी से मिल गई. इसके बाद 300 रुपये अधिक देने पर उन्हें उस आधार कार्ड की जानकारी को प्रिंट करवाने का भी एक्सेस मिल गया. इसके लिए अलग से एक सॉफ्टवेयर था.

सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से होंगी शुरु, यहां देखें पूरी डेटशीट

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए डेटशीट की घोषणा कर दी है. कई दिनों से देशभर में लाखों छात्र, शिक्षकों और अभिभावकों ने परीक्षा के लिए सटीक तारीखों की पुष्टि के लिए इंतजार कर रहे थे. इतना ही नहीं कई बार नकली डेटशीट भी सोशल मीडिया और तमाम माध्यमों से जारी होती रही है. लेकिन अब सीबीएसई की ओर से आधिकारिक वेबसाइट cbse.nic.in पर परीक्षा की तारीखों की घोषणा कर दी गई है.

इस बार बारहवीं की परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू होकर 12 अप्रैल तक वहीं दसवीं की परीक्षाएं 4 अप्रैल तक चलेंगी. परीक्षा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया इस साल दिसंबर में पूरी हो गई थी. सीबीएसई के सूत्रों के मुताबिक करीब 18 लाख छात्रों ने कक्षा 10 और 12वीं के लिए करीब 11 लाख छात्रों के लिए पंजीकरण कराया है.

बता दें  सीबीएसई ने इस साल से दसवीं के सभी छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा अनिवार्य कर दी है जो पहले ऐच्छिक थी.

कक्षा 10 की डेटशीट देखने के लिए यहां क्लिक करें

कक्षा 12 की डेटशीट देखने के लिए यहां क्लिक करें

हॉस्टल-मेस की सेवाओं पर लगेगा पांच प्रतिशत जीएसटी: वित्त मंत्रालय

नई दिल्ली: विद्यार्थियों व कर्मचारियों को मिलने वाली मेस सेवा पर पांच प्रतिशत की दर से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा. वित्त मंत्रालय ने आज इसकी जानकारी दी. मंत्रालय ने कहा कि मेस चाहे शैक्षणिक संस्थान द्वारा संचालित हों या किसी बाहरी ठेकेदार द्वारा, जीएसटी की दर मेस के लिए पांच प्रतिशत ही रहेगी.

केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने होस्टल मेस द्वारा दी जाने वाली सेवाओं पर लगने वाले जीएसटी को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है.

सीबीईसी ने कहा, ‘‘मेस या कैंटीन द्वारा खाद्य या पेय की आपूर्ति पर बिना इनपुट टैक्स क्रेडिट के पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा. दर पर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि मेस का संचालन शैक्षणिक संस्थान खुद कर रही है या कोई बाहरी ठेकेदार उसे चला रहा है.’’

Examinations of Class 10th students will commence on 5th March & conclude on 4th April; examinations of Class 12th students will commence on 5th March & conclude on 12th April.

Examinations of Class 10th students will commence on 5th March & conclude on 4th April; examinations of Class 12th students will commence on 5th March & conclude on 12th April.

Bhopal: Indian junior hockey team goalkeeper Khushboo Khan requests Chief Minister Shivraj Singh Chouhan for a toilet to be constructed at her home which was broken 1 & a half year ago

Bhopal: Indian junior hockey team goalkeeper Khushboo Khan requests Chief Minister Shivraj Singh Chouhan for a toilet to be constructed at her home which was broken 1 & a half year ago by the management of a veterinary hospital which owns the land

Ambuja Cement among the top 10 in the Global DJSI ranking.

10 January, 2018, New Delhi – Ambuja Cements Ltd., a part of the global conglomerate LafargeHolcim and one of the leading cement manufacturing companies in India, has set new sustainable development benchmarks with the internationally renowned Dow Jones Sustainability Index (DJSI) 2017 ranking the Company at No.7 in the Construction Material category. With this, Ambuja Cement emerged as the only Indian company to notch up such a high rank, competing with global and Indian companies.

The Company, which was invited to participate in the DJSI Emerging Markets Index, achieved this special feat in line with its vision to be the most sustainable and competitive company in the industry; and performed exceedingly well in key parameters, surpassing its own 2016 score.

Commenting on this accomplishment, Ambuja Cement MD & CEO Ajay Kapur said, "It is a moment of pride that our sustainability performance has been recognised globally. The high ranking in the most renowned DJSI reaffirms our commitment to the principles of sustainable development. This is yet another step drawing us closer to achieving our vision as the most sustainable company in the industry”

“Ambuja shall continue to effectively conduct the True Value approach – a triple bottom-line which encompasses three Ps (Profit, People and Planet), creating greater value to all stakeholders – customers, investors, employees and society at large,” added Mr Kapur.

The DJSI are a family of benchmarks that uses a best-in-class approach to select sustainability leaders from various industry sectors across the world, enabling investors to track the companies’ performance and integrate sustainability considerations into their portfolios. Since the launch of the DJSI World in 1999, several other Dow Jones Sustainability Indices and new index families that rely on the Corporate Sustainability Assessment (CSA) results have been developed to meet a range of investor specific needs.

In the arena of sustainability, it has been raining awards and accolades for Ambuja. Recently, Ambuja bagged six awards – an ‘Outstanding Accomplishment for Corporate Excellence’ award while the rest for ‘Domain Excellence’ in environment management and corporate social responsibility– from the apex body Confederation of Indian Industry (CII). The Company also secured two prestigious awards at the International seminar held by the National Council for Cement and Building Materials (NCB) recently.