Daily Archive: November 8, 2017

प्रद्युम्न मर्डर केस: अब तक की कहानी, कब-क्या हुआ

नई दिल्ली: गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई सात साल के प्रद्युम्न की हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. बुधवार को केस की जांच कर रही सीबीआई ने स्कूल के ही 11वीं के एक छात्र को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने बयान में कहा कि आरोपी छात्र ने स्कूल में पीटीएम और परीक्षाओं को टालने के लिए प्रद्युम्न की हत्या कर दी थी. आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया है यहां सीबीआई ने आरोपी के 6 दिन की रिमांड की मांग की है.

जानिए प्रद्युम्न मर्डर केस में कब-कब क्या क्या हुआ

  • 8 सितंबर को स्कूल के बाथरूम में सात वर्षीय प्रद्युम्न की हत्या कर दी गई थी.
  • हत्या के कुछ घंटों के भीतर, बस कंडक्टर अशोक कुमार ने गुरुग्राम पुलिस द्वारा पूछताछ में कुबूल किया कि उसने प्रद्युम्न की हत्या की है. इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
  • अशोक ने बताया कि वह प्रद्युम्न का यौन शोषण कर रहा था. विरोध करने पर उसने प्रद्युम्न की हत्या कर दी.
  • गुरुग्राम पुलिस ने अदालत को बताया कि हत्या की जगह के साथ छेड़छाड़ की गई है और उसमें
    • किसी तीसरे व्यक्ति के शामिल होने का संदेह है.

      कोहरे का कहर, यमुना एक्सप्रेस-वे पर टकराईं दर्जनों कारें, तीन दर्जन लोग घायल

    • 9 सितंबर को स्कूल की कार्यकारी प्रधानाचार्य नीरजा बत्रा को निलंबित कर दिया गया.
    • 22 सितंबर को हरियाणा सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई को सौंपी गई जांच.
    • 7 अक्टूबर को सीबीआई ने आरोप लगाया कि रेयान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कार्यकारी अधिकारी रेयान अगस्टिन पिंटो हत्या के षडयंत्र का हिस्सा हो सकते हैं.

    सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि छात्र को सभी साइंटिफिक सबूतों के आधार पर मंगलावर रात में हिरासत लिया गया है.  आरोपी के खिलाफ भा.द.वि. की धारा 302 और आर्म्स एक्ट 25 के तहत केस दर्ज किया गया है. बताया ये भी जा रहा है कि आरोपी छात्र की मानसिक हालत भी ठीक नहीं है. यह छात्र भी गुड़गांव की ही रहने वाला है.

    इससे पहले सीबीआई ने इस केस में स्कूल बस के कंडक्टर अशोक कुमार को आरोपी बनाया था. पहले उसने गुनाह कुबूल कर लिया था लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गया और कहा कि उसने दबाव में ऐसा कहा था. फिलहाल उसे क्लीन चिट नहीं मिली है.

St Stephen’s, Hindu, And Sri Venkateswara Colleges in List For 2018 National Rankings

New Delhi, Nov 8: Delhi University’s St Stephen’s, Hindu and Sri Venkateswara colleges have featured in government’s list for 2018 national rankings for colleges and universities. Many popular colleges including All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) and the National Institute of Fashion Technology (NIFT) have applied for the first time for inclusion in the list. A total of 4,734 institutes have applied for the rankings.

The list also features School of Planning and Architecture’s campuses in Delhi, Bhopal, and Vijayawada, a report said. The top 100 medical colleges to apply for the 2018 national rankings for colleges and universities are Christian Medical College and Hospital (CMC), Postgraduate Institute of Medical Education and Research (PGIMER) in Chandigarh. The result of the rankings will be announced in April 2018.

Academics dean at AIIMS said, “We applied this year as we feel it is good to evaluate ourselves from time to time. We might think we are number one but there might be scope for improvement in certain areas.” “We want more institutes to apply as it will give greater credibility to the exercise. Also, this will allow stakeholders to find out how each institute fared,” a senior official at Delhi University said.

Global Crude oil price of Indian Basket was US$ 62.83 per bbl on 07.11.2017

The international crude oil price of Indian Basket as computed/published today by Petroleum Planning and Analysis Cell (PPAC) under the Ministry of Petroleum and Natural Gas was US$ 62.83 per barrel (bbl) on 07.11.2017. This was higher than the price of US$ 61.57 per bbl on previous publishing day of 06.11.2017.

In rupee terms, the price of Indian Basket increased to Rs. 4071.49 per bbl on 07.11.2017 as compared to Rs. 3984.94 per bbl on 06.11.2017. Rupee closed weaker at Rs. 64.81 per US$ on 07.11.2017 as compared to 64.73 per US$ on 06.11.2017. The table below gives details in this regard:

Particulars Unit Price on November 7, 2017 (Previous trading day i.e. 06.11.2017)
Crude Oil (Indian Basket) ($/bbl)    62.83                         (61.57)
(Rs/bbl)   4071.49                   (3984.94)
Exchange Rate (Rs/$)    64.81                         (64.73)

 

AD/SA Daily Crude Oil Price

Mastermind of fake Aadhaar card racket held

Lucknow, Nov 8 (PTI) The mastermind of a gang which made fake Aadhaar cards has been arrested by Uttar Pradesh Special Task Force here, officials said today.

Durgesh Kumar Mishra, a resident of Madhya Pradesh, was arrested yesterday. He was the mastermind behind the gang involved in preparing Aadhaar cards by cloning finger prints to bypass Unique Identification Authority of India (UIDAI) norms, a senior STF official said.

During interrogation, Mishra told the STF that he was an assistant manager in a private firm authorised by the UIDAI and provided the technique for preparing fake fingerprints and tampering client software to Saurabh Singh who was arrested earlier in Kanpur.

On September 10, the STF had busted the gang which used to make fake Aadhaar cards with the arrest of its 10 members.

“The gang used their own fingerprints and retina scans on the fake Aadhaar cards. They resorted to this method to complete the biometric parameters,” the official said.

During the raid in Kanpur, the STF had seized papers with fake fingerprints, and finger and retina scanners.

The STF had swung into action after a senior UIDAI official lodged a police complaint in Lucknow, the STF official said.

6 साल घटी NCR में रहने वालों की उम्र

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरनाक वायु प्रदूषण की वजह से लगभग छह साल कम हो चुकी है. अगर एनसीआर में डब्लूएचओ मानकों को लागू किया जा सका तो लोग नौ साल तक अधिक जीवित रहेंगे. राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है. मौसम की स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है.

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार, जहरीली वायु के संपर्क में आने पर फेफड़े, रक्त, संवहनी तंत्र, मस्तिष्क, हृदय और यहां तक कि प्रजनन प्रणाली भी प्रभावित हो सकती है. एक अध्ययन के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण पूरे देश में पांच लाख अकाल मौतें हो चुकी हैं.

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, दिल्ली की आबोहवा पिछले कुछ दिनों से बहुत ही खराब बनी हुई है. शहर में वायु की गुणवत्ता विशेष रूप से सुबह-सुबह अधिक खराब होती है, जब प्रदूषण बहुत अधिक होता है. हालांकि, यह अस्थमा या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए तो घातक है ही, स्वस्थ व्यक्तियों को भी इससे पूरा खतरा है. बुजुर्ग लोग और बच्चे भी उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं.

डॉ. अग्रवाल ने कहा, हाल ही के एक अध्ययन के मुताबिक, एनसीआर में रहने वाले लोगों की जिंदगी खतरनाक वायु प्रदूषण की वजह से लगभग छह साल कम हो चुकी है. अगर एनसीआर में डब्लूएचओ मानकों को लागू किया जा सका तो लोग नौ साल तक अधिक जीवित रहेंगे.

उन्होंने कहा, आईएमए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष को इस महीने प्रस्तावित अर्ध-मैराथन को तत्काल रद्द या स्थगित करने के लिए लिखने जा रहा है. यह ईवेंट तब तक नहीं होनी चाहिए, जब तक कि हवा की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार न हो जाए.

पीएम 2.5 के प्रदूषण का मतलब है कि छोटे खतरनाक कण फेफड़ों में प्रवेश करके हानि पहुंचा सकते हैं. इससे क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिसऑर्डर जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और फेफड़ों के कामकाज में बाधा पड़ सकती है. आईएमए ने इस तरह के हालात में मैराथन दौड़ कराने के खिलाफ सख्त हिदायत जारी की है. ऐसा करने से फेफड़ों में दो चम्मच तक विषैली राख जमा हो सकती है.

आईएमए अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एयूआई) पिछले कुछ दिनों में अत्यंत खराब से खतरनाक की श्रेणी में जा पहुंचा है. शहर के कई हिस्सों में, वायु प्रदूषण का स्तर 300 के खतरे के निशान को भी पार कर गया है.

डॉ. अग्रवाल ने कहा, “दिल्ली में प्रदूषण के वर्तमान स्तर पर गर्भ में पल रहे शिशु भी प्रभावित हो सकते हैं. एक सामान्य वयस्क आराम करते समय प्रति मिनट छह लीटर वायु श्वास में लेता है, जबकि शारीरिक गतिविधि के दौरान यह मात्रा 20 लीटर बढ़ जाती है. वर्तमान में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए, यह केवल फेफड़ों में विषाक्त पदार्थो की मात्रा में वृद्धि ही करेगा.

यद्यपि हरेक को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि व्यायाम वाला स्थान सड़कों, निर्माण स्थलों और धुआं छोड़ने वाले उद्योगों से कम से कम 200 मीटर दूर हो. हालांकि, यह भी साफ हवा की गारंटी नहीं है.”

वायु प्रदूषण से पड़ने वाला असर :

– विषाक्त कण रक्त वाहिनियों की दीवारों से गुजरते हैं और रक्त के प्रवाह को प्रभावित करते हैं. वे थ्रांबोसिस का कारण बन सकते हैं.

– विषाक्त पदार्थो से रक्त वाहिकाओं का व्यास कम हो सकता है. इस स्थिति में उच्च रक्तचाप भी हो सकता है.

– विषाक्त वायु के कारण स्ट्रोक हो सकता है.

-हवा में विषाक्त पदार्थो के मिले होने से हृदय की क्रिया प्रणाली प्रभावित हो सकती है और हृदय की रिदम बिगड़ सकती है.

-विषाक्त हवा में श्वास लेने से महिलाओं को गर्भपात हो सकता है. भ्रूण के विकास की समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

– समय से पहले ही बच्चे का जन्म हो सकता है और जन्म के समय बच्चे का वजन भी कम हो सकता है.

शराब की लत छुड़ाना चाहते हैं तो ये दवा आएगी काम

नई दिल्ली: वैज्ञानिकों ने एक नई दवा की पहचान की है जो किशोर और किशोरियों में शराब पीने की इच्छा को खत्म कर सकती है. ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के शोधकर्ताओं ने शराब सेवन जैसी उन नुकसानदेह गतिविधयों को रोकने का रास्ता खोज निकाला है जिन्हें वयस्क हो रहे लोगों में ज्यादा देखा जाता है.