Daily Archive: October 30, 2017

Hina Khan And Shilpa Shinde Give Sex Education To Sapna Chaudhary On Bigg Boss 11

While Salman Khan‘s controversial show on television, Bigg Boss 11, has been entertaining its viewers to the fullest with controversies and high intense drama inside the house, this time it aired a great episode, where the audience has seen a positive side of these two contestants – Shilpa Shinde and Hina Khan.

While many in our country have not been provided basic sex education in schools and the topics like sex, homosexuality, condoms, periods, among others, are still a taboo amongst families, Bigg Boss aired an episode where we saw a different side to these celebrities, who aren’t shying away from discussing such topics. In the latest episode, we saw that the dancer from Haryana, Sapna Choudhary has no clue about what condom is and how is it used and this revelation came as a surprise to her roommates – Shilpa and Hina as we saw that Shilpa asks Hina if Sapna really doesn’t know about ‘Condom’.

Well, Hina and Shilpa explained the naive Sapna the working of a condom. Hina explained Sapna that condoms are very important in a relationship for safe sex, while Shilpa Shinde asks Sapna, how old is she and where does she live? She also asks her if she has a friend with whom she could discuss all this but Sapna replied with a no. In fact, the Haryana dancer got amused, when Hina told her that not just male but female condoms are available too. But it does not come as a surprise now as it is quite clear that Sapna comes from a conservative family and lacks knowledge regarding the use of condoms.

However, after the whole conversation, Hina told Sapna to not to use the word ‘condom’ openly in the house since they are on prime time television and families watch the show. Not just we are amused how a celeb like Sapna is not aware of a condom, even Benafsha Soonawalla was. Well, this is not the first time, we see someone schooling a contestant on the show about such topics. Earlier, Salman Khan had schooled another contestant on homosexuality – he explained terms like ‘homosexual’ and ‘bisexual’ to her.

आर्टिकल 35A पर सुप्रीम कोर्ट में बदल गए मोदी सरकार के सुर, 3 महीने की मोहलत मिली

नई दिल्ली। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की विशेष बेंच ने आज आर्टिकल 35ए पर सुनवाई की. लेकिन सुनवाई के दौरान मोदी सरकार के सुर चौंकाने वाले थे. इस मसले पर खुले मंच पर मुखर रहने वाली केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अलग ही राग अलापा. केंद्र सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने हलफनामा देकर नोटिस पर जवाब देने के लिए आठ हफ्ते का वक्त मांगा है. इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी.

केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने हलफनामा देकर कहा कि घाटी में शांति के लिए स्थापित करने के लिए केंद्र की ओर से मध्यस्थ (इंटर लोकेटर) नियुक्त किया गया है. और इस पर किसी भी तरह को कोई फैसला सरकार के शांति प्रयासों में बाधा उत्पन्न करेगा. इसलिए सरकार का पक्ष रखने के लिए समय दिया जाए. राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग अर्थ निकाल रहे हैं. माना जा रहा है कि गुजरात-हिमाचल में चुनाव और जम्मू-कश्मीर के लिए वार्ताकार की नियुक्त के चलते सरकार इस मुद्दे को फिलहाल टालना ही बेहतर समझ रही है.

अनुच्छेद 35ए भारतीय संविधान में एक ‘प्रेंसीडेशियल आर्डर’ के जरिए 1954 में जोड़ा गया था. 14 मई 1954 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की ओर से जारी आदेश के जरिए संविधान में एक नया अनुच्छेद 35 A जोड़ दिया गया. यह अनुच्छेद जम्मू कश्मीर विधान सभा को अधिकार देता है कि वो राज्य के स्थायी नागरिक की परिभाषा तय कर सके. इन्हीं नागरिकों को राज्य में संपत्ति रखने, सरकारी नौकरी पाने या विधानसभा चुनाव में वोट देने का हक मिलता है.

विभाजन के बाद जम्मू कश्मीर में बसे लाखों लोग वहां के स्थायी नागरिक नहीं माना जाता है. वे यहां सरकारी नौकरी और सरकारी सुविधाएं पाने के हकदार नहीं हैं. ये लोग लोकसभा चुनाव में तो मतदान कर सकते हैं लेकिन राज्य पंचायत या विधानसभा के चुनाव में मत नहीं डाल सकते.

जम्मू कश्मीर के संविधान के मुताबिक, स्थायी नागरिक वह व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या फिर उससे पहले के 10 सालों से राज्य में रह रहा हो और उसने वहां संपत्ति हासिल की हो. साल 2014 में एक एनजीओ ‘वी द सिटीजन’ ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इस आर्टिकल को समाप्त करने की मांग की थी. एनजीओ का कहना है कि अनुच्छेद 35ए भारत की एकरूपता की अवधारणा के उलट है. इससे भारतीय नागरिकों के बीच वर्ग के भीतर वर्ग उत्पन्न होता है.

याचिका का विरोध करने वालों का कहना है कि अगर अनुच्छेद 35ए हटा लिया जाता है तो जम्मू कश्मीर पहले जैसा नहीं रह जाएगा. यहां कोई भी जमीन ले सकेगा और यहां का नागरिक बन जाएगा. उसे वोट देने का अधिकार मिल जाएगा और इस मुस्लिम बहुल राज्य की जनसांख्यिकी बुरी तरह प्रभावित होगी. इस मुद्दे पर पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस एक साथ हैं और दोनों विरोधी पार्टियों ने एक साथ आने का ऐलान किया है.

UP: 100-Year-Old Woman Dies After Being Raped by Drunk Youth

Lucknow, Oct 30: A 100-year-old woman died on Monday after allegedly being raped by a youth in an Uttar Pradesh village. The incident happened early on Monday morning in Jaani village in Meerut district.

Police said that the victim, who was unwell, lived in Jaani village with her brother. The police added that the youth was drunk when he allegedly raped the 100-year-old woman.

According to IANS, the youth has been identified as Ankit Punia. Reports say he was trying to escape but failed as the woman’s cries were heard by her brother and neighbours. Punia was handed over to the police.

However, Punia claimed that he was innocent and had not committed any crime.