Daily Archive: October 9, 2017

पुलिस में शिकायत के बाद प्रेमी ने मजबूरन अ पनी प्रेमिका से कर ली शादी

पुलिस में शिकायत के बाद प्रेमी ने मजबूरन अपनी प्रेमिका से शादी तो कर ली, लेकिन वह शादी के दिन से ही अपनी नई-नवेली पत्नी को ठिकाने लगाने की फिराक में जुट गया। शादी के बाद वह अपनी पत्नी को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले आया, जहां पुल प्रह्लाद पुर थाना इलाके स्थित एक निर्माणाधीन इमारत में ले जाकर ईंट-डंडों से प्रेमिका का सिर फोड़ दिया। मामले की सूचना पुलिस जून महीने में मिली थी, जिसके बाद एसएचओ पुल प्रह्लाद पुर अजय प्रताप की देखरेख में इंस्पेक्टर अशोक कुमार और एसआई एमएल मीणा की टीम का गठन कर जांच की जाने लगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़ित युवती की पहचान माधुरी (22) के रूप में की गई, जो कन्नौज की रहने वाली थी। पुलिस को दिए बयान में युवती ने बताया कि वह अपने पति के साथ दिल्ली आई थी और उसके पति ने ही ईंट और डंडों से उसकी पिटाई कर दी। युवती के अनुसार, उसके पति का नाम रवि सिंह उर्फ टिंकू (25) है, जो सीतापुर मे रहता है। इसके बाद पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ के बताया कि वह माधुरी से पीछा छुड़ाना चाहता था, जिसके कारण उसने दिल्ली में लाकर माधुरी की हत्या की कोशिश की। आरोपी के अनुसार, स्थानीय पुलिस के दबाव में आरोपी ने शादी रचाई थी।
पीड़िता की याददाश्त चली जाने से उलझ गई थी पुलिस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 13 जून को पुलिस के पास सूचना आई थी, जिसके बाद पुलिस की टीम निर्माणाधीन इमारत में पहुंची। वहां पुलिस को पीड़ित युवती घायल अवस्था में मिली। पुलिस की टीम ने युवती को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन पुलिस के सामने मुसीबत यह थी कि युवती की याददाश्त चली गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जून के बाद दो महीने तक युवती अचेत अवस्था में अस्पताल में रही, जिसके बाद उसे होश आया। धीरे-धीरे युवती को सब-कुछ यादे आने लगा और फिर ठीक होने के बाद उसने अपनी आपबीती सुनाई।
मरा हुआ समझकर फेंक गया था आरोपी
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि माधुरी की ईंट-डंडों से पिटाई के बाद वह उसे मरा हुआ समझकर फेंक गया था। तीन महीने बीतने के बावजूद उसको माधुरी के जिंदा होने और अस्पताल में भर्ती होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। वहीं इस बीच पुलिस की ओर से भी माधुरी के अचेत होने के कारण कोई हलचल नहीं हो पा रही थी। हालांकि जब पुलिस सीतापुर उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची, तो आरोपी को माधुरी के जिंदा होने की जानकारी हुई।

मोदी सरकार को अन्ना का अल्टीमेटम, 3 महीनो मे ं लोकपाल लाओ.

दिल्ली में अन्ना हजारे ने वर्त्तमान केंद्र सरकार के लोकपाल नियुक्ति को लेकर उदासीनता के खिलाफ तथा चुनाव प्रक्रिया में सुधार तथा किसानो की समस्यों को लेकर जनांदोलन करेंगे ऐसा निर्णय रालेगण में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में लिया गया है।
जनांदोलन के मद्देनजर रालेगण में राष्ट्र स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसमे दिल्ली,पंजाब,हरियाणा,यूपी,गुजरात,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़,राजस्थान,आंध्र। प्रदेश सहित देश के अनेक राज्यो से कार्यकर्त्ता बड़ी मात्र में शिबिर में हिस्सा लेने आये थे.केंद्र सरकार को 3 महीनो का अल्टीमेटम देने पश्यात जनवरी 2018 में आंदोलन की घोषणा की है इस कार्यशाला में सभी कार्यकरतोने अपने विचार रखें साथ ही अपने इलाको में इस मामले में जनजागृति की बात कही, अन्ना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की ग्रामसभा लोकसभा और विधानसभा की जननी है इस पूरा अधिकार मिलना चाहिए साथ ही जिन जनप्रतिनिधि को जनता चुनती है वे जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी न निभाते हुए राजनैतिक दलों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते है जो लोकतंत्र नहीं है , नोटों( नकारत्मक वोट) के प्रति संवेन्दनशील होना जरुरी है यदि नोटो की मात्रा भारी रही तो चुनाव रद्द करना पड़ सकता है फिर सामान्य मतदाता अपने पसंद के राजनेता चुन सकते है, अन्ना ने किसानो की समस्या पर जोर देते हुए कहा की फसल बिमा पर मनमानी रूप से ब्याज वसूला जाता है जो गलत है बैंक रेगुलेशन कानून तहत फसल बिमा योजना लागु नहीं होने से किसान ख़ुदकुशी करता है, सन् 1972 से जिसप्रकार चक्राकार पद्धति से ब्याज वसूला जाता है इसको रद्द करने संबंधी मांग करके वापस लौटाने की मांग जायेगी कार्यकर्त्ता इस मामले में जनजागृति करें, जिसप्तकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार कर्मचारियों को पेंशन लागु होती है उसी प्रकार किसानो को पेंशन लागु करने संबंधी मांग की जायेगी, संसद में प्रलंबित किसान विधेयक को पारित करने संबंधी भी मांग की जायेगी, जिसप्रकार औद्योगिक क्षेत्र को सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाती है उसी प्रकार किसानो को भी सभी सुविधाओ के साथ साथ उनकी जमीन आधिग्रहन संबधी अधिकार ग्रामसभा को दिया जाना चाहिये, कार्यकरतों ने अपना चत्रित साफ़ रखते हुए किसी प्रकार के मोह तथा राजनीति से दुरी बनायीं रखनी चाहिए, संविधान पढ़ना चाहिए जिससे ये संग्राम आम संग्राम होगा,यह आंदोलन भ्रष्टाचार विरोधी जनांदोलन न्यास की विचारधारा पर ही होगा इस शिबिर में प्रो.बालाजी कोम्पलवार,अशोक सब्बन,अल्लाहुद्दीन शैख़, श्याम असावा, अजित देशमुख आदियों चर्चा में हिस्सा लिया.
आंदोलन की तारिख और समय सभी से विचार विमर्श पश्यात जाहिर की जायेगी.