Daily Archive: October 6, 2017

टेलिकॉम सेक्टर में जा सकती है 1.50 लाख लोगों की नौकरी

मुंबई| कर्ज के बोझ और घाटे की वजह से टेलिकॉम सेक्टर में अब लोगों की नौकरी पर खतरा मंडराने लगा है. इंडस्ट्री अनुमान के मुताबिक करीब डेढ़ लाख डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां जा सकती हैं. एक अनुमान के मुताबिक टेलिकॉम सेक्टर इस समय करीब 8 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में दबा है. इसके अलावा ग्राहक बढ़ाने की प्रतिस्पर्धा में दिए जाने वाले ‘मुफ्त’ ऑफर्स की वजह से भी कंपनियां घाटे में हैं.

टेलीकॉम सेक्टर की मुश्किलों का अंदाजा संचार मंत्री मनोज सिन्हा के उस बयान से लगाया जा सकता है, जो उन्होंने हाल ही में इंडिया मोबाइल कांग्रेस में दिया. उन्होंने कहा कि सरकार टेलीकॉम सेक्टर में मौजूद दबाव से परिचित है. हमने पहले भी हस्तक्षेप किया और जररूत पड़ी तो फिर ऐसा करेंगे. हम सुनिश्चित करेंगे कि सेक्टर मरे नहीं.

अप्रैल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने भी कमर्शियल बैंकों को टेलिकॉम सेक्टर की कंपनियों को दिए जा रहे लोन को लेकर सचेत किया था. इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक टेलिकॉम कंपनियों के पास कॉस्ट कटिंग के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. इसलिए अब छंटनी का सहारा लिया जा सकता है.

कर्ज और घाटे की वजह से ही कुछ कंपनियों ने पहले ही विलय कर लिया है जिस वजह से 15 हजार से अधिक नौकरियां जा सकती हैं. इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक बड़ी टेलीकॉम कंपनियां आइडिया-वोडाफोन के विलय से लगभग 1,800 लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है. अभी 5-6 हजार और लोगों की नौकरी जा सकती है. दूसरी तरफ वोडाफोन ने 1,400 लोगों को सेवा मुक्त कर दिया है.

देश की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी सेल्स और रीटेल टीम से 1,500 लोगों को हटा चुकी है. टेलिनॉर की खरीद से नौकरियों में दोहराव भी छंटनी का एक कारण है. रिलांयस कम्युनिकेशन्स ने भी सिस्टमा के साथ विलय करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए 1,200 कर्मचारियों की छुट्टी कर दी तो वहीं एयरसेल के साथ (टूट चुके) समझौते के लिए 800 लोगों को नौकरी गंवानी पड़ी.

इंडस्ट्री का अनुमान है कि टेलिकॉम सेक्टर में मौजूद संकट की वजह से करीब 1,25,000 डायरेक्ट नौकरियां जा सकती हैं. जानकारी के मुताबिक अर्थव्यवस्था में गिरावट आ रही है

फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप से जुड़ी 20 रोचक बातें, जानिए

नई दिल्ली। भारत में 6 से 28 अक्टूबर तक छह शहरों में फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप आयोजित हो रहा है. भारत पहली बार फीफा विश्व कप की मेजबानी कर रहा है जो छह अक्तूबर से शुरू होगा. वर्ल्ड कप से जुड़े कुछ दिलचस्प आंकड़ें इस प्रकार हैं.

1. फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में 1985 से 2005 तक 16 टीमें हिस्सा लेती थीं जिन्हें चार वर्गों में बांटा जाता था लेकिन 2007 में टीमों की संख्या बढ़ाकर 24 कर दी गई.

2. अमेरिका और ब्राजील ने अब तक सबसे ज्यादा 15 बार अंडर-17 वर्ल्ड कप में भाग लिया हैं. दोनों का यह 16वां वर्ल्ड कप है.

3. एशिया में वर्ल्ड कप का आयोजन किसी भी अन्य महाद्वीप से अधिक बार हुआ है. यह (भारत में पहली बार) पांचवीं बार है जब एशिया में इसका आयोजन हो रहा है। इससे पहले चीन (1985), जापान (1993), दक्षिण कोरिया (2007) और संयुक्त अरब अमीरात (2013) में इसका आयोजन हुआ है.

4. फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में सबसे सफल टीम नाइजीरिया है जिसने इस खिताब को पांच बार (1985, 1993, 2007, 2013, 2015) अपने नाम किया है. वह तीन बार (1987, 2001, 2009) इसकी उपविजेता भी रही है. हालांकि भारत में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए उनकी टीम क्वॉलीफाई नहीं कर पाई.

5. ब्राजील ने इस वर्ल्ड कप को तीन बार (1997, 1999, 2003) जीता है जबकि घाना (1991, 1995) और मैक्सिको (2005, 2011) दो-दो बार विजेता रहे हैं. सोवियत संघ (1987), सऊदी अरब (1989), फ्रांस (2001) और स्विट्जरलैंड (2009) ने भी एक-एक बार यह टूर्नामेंट जीता.

6. घाना इस टूर्नामेंट के फाइनल में लगातार चार बार पहुंचा (1991,1993, 1995 और 1997) जिसमें से उसे दो में जीत (1991 और 1995) मिली.

7. भारत अंडर-17 वर्ल्ड कप में जगह बनाने वाली एशिया की 18वीं टीम है.

8. भारत में होने वाले इस टूर्नामेंट में तीन टीमें पहली बार भाग ले रही जिसमें नाइजर, न्यू कालेडोनिया के अलावा मेजबान भारत भी शामिल है.

9. फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले 12 ऐसे खिलाड़ी हैं जिसने फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में भी टीम का प्रतिनिधित्व किया है.

10. ब्रजील के रोनाल्डिन्हो इकलौते ऐसे खिलाड़ी है जिसने फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप (1997) और फीफा वर्ल्ड कप (2002) जीता है.

11. अंडर-17 वर्ल्ड कप और फीफा वर्ल्ड कप में खेलने वाले खिलाड़ियों में तीन ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल में गोल किया है. इन खिलाड़ियों में मारियो गोट्जे (2014), इमानुएल पेटिट (1998) और आंद्रेस इनिएस्ता (2010) शामिल हैं.

12. अंडर-17 वर्ल्ड कप और वर्ल्ड कप खेलने वाले खिलाड़ियों में सिर्फ इकर कासिलास (स्पेन) ऐसे खिलाड़ी है जिनकी कप्तानी में टीम ने वर्ल्ड कप खिताब (2010) जीता है।

13. मैक्सिको और उरुग्वे के बीच खेले गए अंडर-17 वर्ल्ड कप फाइनल को मैदान में सबसे ज्यादा 98,943 दर्शकों ने देखा.

14. यूएई (2013) में खेले गए अंडर-17 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल किए गए. इस दौरान 52 मैचों में 172 गोल किए गए.

15. अंडर-17 वर्ल्ड कप के प्रथम संस्करण को छोड़कर 1987, 1989 और 2007 में सात-सात टीमें ने पहली बार इसमें भाग लिया.

16. अंडर-17 वर्ल्ड कप के चार फाइनल (1987, 1989, 1999 और 2007 ) ऐसे रहे जिसका नतीजा पेनल्टी शूट आउट से निकला है. बाकी फाइनल का नतीजा निर्धारित समय में निकला.

17. अंडर-17 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड ब्राजील (166) के नाम है. दूसरे स्थान पर नाइजीरिया (149) है. स्पेन और मैक्सिको 97 गोल के साथ तीसरे स्थान पर हैं. दोनों के पास भारत में गोलों का शतक पूरा करने का मौका होगा. जर्मनी (92) और घाना (86) भी सबसे ज्यादा गोल करने वालों की सूची में शामिल हैं.

18. ब्राजील और नाइजीरिया दो ऐसी टीमें है जिसने वर्ल्ड कप खिताब का बचाव किया है. ब्राजील ने 1997 और 1999 तथा नाइजीरिया ने 2013 और 2015 लगातार दो बार खिताब जीता है.

19. अमेरिका के फ्रेड्डे अडु ऐसे इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने अंडर-17 (2003) और अंडर-20 (2007) दोनों आयु वर्ग के फीफा वर्ल्ड कप में हैट-ट्रिक बनाई.

20. अंडर-17 वर्ल्ड कप में गोल्डन बॉल खिताब को सबसे ज्यादा चार बार नाइजीरिया के खिलाड़ी ने जीता है.