Daily Archive: September 10, 2017

Maneka Gandhi for women non-teaching staff in schools

New Delhi, Sep 10 (PTI) Union minister Maneka Gandhi today suggested that drivers, conductors and non-teaching staff in schools should be women in order to prevent child sexual abuse.

The Women and Child Development (WCD) Minister said that her department has also approached the human resource development ministry in this regard.

Her statement comes in the backdrop of incidents of alleged sexual assaults on two minor students on the their school premises and murder of one of them.

“We have asked the HRD ministry, and it is in the Women’s Policy (draft) too, that drivers, conductors and non-teaching staff in a school should be women,” the Women and Child Development (WCD) Minister told PTI over phone.

The National Women’s Policy (Draft) was approved by a group of ministers, headed by External Affairs Minister Sushma Swaraj, in July and is pending before the Cabinet.

A seven year-old-student of Ryan International School, Gurgaon, was murdered allegedly by a school bus conductor for resisting an alleged sexual assault on Friday.

Yesterday, a five-year-old girl was raped allegedly by a peon in a private school in Shahdara.

A senior official in the WCD ministry said contractual staff at schools is an area of concern and they will be raising the issue with the HRD ministry.

The bus conductor at the Ryan International School was employed by a security agency whose services the school was taking on contractual basis.

The school has now cancelled the tie-up.

Early life sinusitis, pneumonia ups risk asthma in adulthood

Parents beware! Children who suffer from respiratory infections, especially colds and sinusitis from age six months to five years old, are at increased risk of developing asthma and worse lung function in later life, warns a study.

The findings indicated that children, who had had upper respiratory infections, such as colds,sinusitislaryngitistonsillitispharyngitis and otitis, by the age of five years, had a 1.5-fold increased risk of developing asthma in later life.

Children who had suffered from lower respiratory tract infections, such as bronchitisbronchiolitis,pneumonia and general chest infections, had a two-to four-fold increased risk of developing asthma in later life and were also more likely to have worse lung function.

Dr Evelien van Meel from the University Medical Centre in The Netherlands said, “These findings support the hypothesis that early-life respiratory tract infections may influence the development of respiratory illnesses in the longer term. In particular, lower respiratory tract infections in early lifeseem to have the greatest adverse effect on lung function and the risk of asthma.”

The team analysed data of 1,54,492 children from several European countries, who were born between 1989 and 2013.

The length of follow-up varied between groups, but ranged from birth until the age of four to 15 years.

The youngest children with lung function measurements were four-years-old and the oldest 15-years-old, with an average age of eight years.”

They found that upper respiratory tract infections were not associated with worse lung function in later life.

However, lower respiratory tract infections at almost all ages were associated with worse lung function.

“At the age of eight years, asthma is usually well established, as is lung function. Lung function in childhood is most likely related with lung function in adulthood,” van Meel added.

The study is presented at European Respiratory Society International Congress 2017. (ANI)

माल एवं सेवा कर परिषद की बैठक में कई सामानो ं पर जीएसटी रेट में किया बदलाव, देखिए क्या महं गा और क्या सस्ता

जीएसटी को लेकर व्यपारी और खरीदारों की निगाहे टिकी हुई है | हर खरीदार इंतजार कर रहा है की कोई भी समान पर टैक्स कम हो जाए | | माल एवं सेवा कर (जीएसटी ) परिषद की बैठक में कई सामानों पर जीएसटी रेट में बदलाव किया गया है| इन रेट में किए गए बदलाव से मिडि‍ल इनकम ग्रुप और लो इनकम ग्रुप के लोगों को फायदा पहुंचेगा | इससे कई रोजमर्रा के सामान की कीमत में कमी आएगी और लग्जरी कारें महंगी होंगी.

इन बदलाव से क्या महंगा और क्या सस्ता
अखरोट, सूखी ईमली, भुने हुए चने, धूप बाती, धूप, कॉरडरॉय कपड़े, घास, पत्ती, फाइबर उत्पाद, मैट, साड़ी फॉ़ल की 12 फीसदी दर को 5 फीसदी किया गया है|
कस्टर्ड पाउडर, मेडिकल दस्ताने, प्लास्टिक रेनकोर्ट, 20” तक के कम्प्यूटर, किचन गैस लाइटर की 28 फीसदी दर को 18 फीसदी कर दिया गया है |
रबर बैंड, लकड़ी और पत्थर से बनी मूर्ति की 28 फीसदी दर को 12 फीसदी कर दिया गया है |
इडली-डोसा बैटर, कपड़े की टोपी की 18 फीसदी दर को 12 फीसदी कर दिया गया है.खादी के सामान, खादी और ग्रामोद्योग के सामान, झाड़ू, ब्रश, कई सब्जी के सामान की 5 फीसदी दर को खत्म कर दिया गया है.मिट्टी से बनी मूर्ति पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. पहले 28 फीसदी जीएसटी लगता था.कॉटन रजाई पर अब 5 फीसदी टैक्स लगेगा और पहले इसे 18 फीसदी वाली श्रेणी में रखा गया था | जीएसटी काउंसिल ने तय किया है कि मिड साइज कारों के सेस में 2 पर्सेंट का इजाफा होगा. वहीं बड़ी कारों पर सेस 5 पर्सेंट बढ़ाया गया है. इसके अलावा एसयूवी पर 7 पर्सेंट सेस बढ़ाया गया है.

कैसे होगा इलाज, खुद है बीमार मोहल्ला क्लीन िक

राजधानी में गंदगी के ढेर पर बने मोहल्ला क्लीनिकों में तैनात चिकित्सक भी बीमार हैं। नौकरी जाने के डर से मजबूरी में सुबह-शाम मोहल्ला क्लीनिकों में हाजिरी लगाने जा रहे हैं, लेकिन चाह कर भी सरकार से अपना दर्द बयां नहीं कर पा रहे हैं। यमुनापार में तो हालात यहां तक खराब हैं कि कुछ मोहल्ला क्लीनिक तो आवारा पशुओं की आरामगाह बने हुए हैं।

उप मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र के मंडावली तालाब चौक स्थित मोहल्ला क्लीनिक का सबसे ज्यादा बुरा हाल है। मोहल्ला क्लीनिक गंदगी के टापू पर बना हुआ है। क्लीनिक के सामने गंदा पानी भरा है वहीं बराबर में आवारा पशुओं को झुंड लगा रहता है। यहां पर मरीज तो दूर डॉक्टर तक आना पसंद नहीं करते। अगर मरीज मोहल्ला क्लीनिक में आते भी है तो जितनी तेजी से आते हैं उससे अधिक तेजी से बाहर निकल जाते हैं। डॉक्टर मरीज को ठीक ढंग से देखे बिना ही उनके हाथ में दवा पकड़ा देते हैं।

क्लीनिक के आसपास रहने वाले लोगों ने कहा कि सरकार को पता था जिस जगह क्लीनिक बनाया जा रहा है, वहां पर गंदगी अधिक रहती है, लेकिन इसके बाद भी मोहल्ला क्लीनिक उसी स्थान पर खोला गया। मोहल्ला क्लीनिक के सामने बारिश आने से गंदे पानी का तलाब बन गया है, जिसमें मच्छर पनप रहे हैं।

हर किसी को अपने स्वास्थ्य की चिंता होती है तो डॉक्टर को क्यों नहीं होगी। मोहल्ला क्लीनिक के निर्धारित समय से पहले ही डॉक्टर क्लीनिक से चले जाते हैं। यह स्थिति पिछले एक वर्ष से जस की तस बनी हुई है। वहीं कुछ ऐसा ही हाल वजीराबाद रोड स्थित गोकलपुर गांव के पास बन रहे मोहल्ला क्लीनिक का है। क्लीनिक कूड़े के ढेर पर बन रहा है। गांव के लोगों का कहना है गंदगी में कोई व्यक्ति कैसे स्वस्थ रह सकता है, लोगों ने विरोध भी किया था, लेकिन सरकार ने उसे अनदेखा कर दिया।